मुरादाबाद। रामगंगा पुल बंद होने के चार दिन बाद भी रोडवेज प्रबंधन यात्रियों की समस्या का हल नहीं निकाल पाया है। रामनगर, काशीपुर, हल्द्वानी, मेरठ समेत कई रूट ऐसे हैं, जिन पर बसें नहीं चल रही हैं। कुंभ से लौटने के बाद ड्राइवर व कंडक्टर छुट्टी पर हैं। इसके कारण महज 30 फीसदी बसों का संचालन हो रहा है।
बसें वर्कशॉप में खड़ी हैं और यात्री अंधेरे में हैं। कहां से बस मिलेगी, इस सवाल का जवाब पाने के लिए भटक रहे हैं। मंडल के सात डिपो में 850 बसें हैं। इनमें से 580 बसों को लेकर स्टाफ कुंभ ड्यूटी में गए थे। मुरादाबाद व पीतलनगरी डिपो से 200 बसें कुंभ ड्यूटी में भेजी गई थीं। इन सभी बसों को लेकर स्टाफ शुक्रवार को लौट आए हैं। अब इन स्टाफ को तीन से चार दिन की छुट्टी दी गई है। रोडवेज प्रबंधन के पास कोई व्यवस्था न होने के कारण यात्री त्रस्त हैं। नया मुरादाबाद में जो बस अड्डा बनाया गया है, वहां शुक्रवार को रामनगर, काशीपुर व हल्द्वानी जाने वाली एक भी बस नहीं थी। 24 घंटे में सिर्फ छह बसें रामनगर रूट पर निकलीं। यह बसें दिल्ली से आ रही थीं और प्वाइंट से होते हुए सीधे निकल गईं। कुंभ से लौटी बसों को अस्थायी बस अड्डे पर खड़ा किया गया है, जिससे देखने में बसों की कमी न ले लेकिन स्टाफ न होने के कारण यह बसें किसी रूट पर नहीं चल रही हैं। मेरठ, दिल्ली, गाजियाबाद, लखनऊ, बरेली जाने वाले यात्री भी घंटों तक इंतजार करते नजर आए।
यात्रियों के वर्जन
मैं बिलारी से आया हूं और रामनगर जाना है। पहले रोडवेज बस के ड्राइवर ने मुझे टीपी नगर में उतार दिया। किसी तरह महंगा किराया देकर ऑटो से नया मुरादाबाद पहुंचा हूं तो यहां कर्मचारी कह रहे हैं कि रामनगर की बस पीतल नगरी डिपो से मिलेगी।
- पुष्पेंद्र कुमार
मुझे हल्द्वानी जाना है। अमरोहा से रोडवेज बस से नया मुरादाबाद में उतार दिया गया। यहां स्टाफ कह रहे हैं कि हल्द्वानी की बस जीरो प्वाइंट से मिल जाएगी। वहां दो घंटे खड़े होकर वापस आ गया हूं। अब घर लौट जाऊंगा।
- मो. दानिश
परिक्षेत्र की सभी बसों का किराया अपडेट कर दिया गया है। इसके साथ ही दूसरे परिक्षेत्र को भी इस विषय में सूचित कर दिया गया है। हमारी कोशिश है कि यात्रियों को दिक्कत न हो, शनिवार से बसों की संख्या रूट पर बढ़ जाएगी।
- बसंत लाल मिश्र, एआरएम वित्त