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संसद में धार्मिक जलसे जैसा माहौल, शर्म से झुक जाता है सिर

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मुरादाबाद। समाजवादी पार्टी के सांसद डा. एसटी हसन अपने विवादित बयान से फिर सुर्खियों में हैं। डा. हसन ने कहा कि हिंदुस्तान की सबसे बड़ी पंचायत संसद के अंदर कई बार धार्मिक जलसे जैसा माहौल हो जाता है। ऐसा लगता है संसद में नहीं धार्मिक जलसे में आया हूं। आजाद हिंदुस्तान में ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है। जिससे शर्म से सिर झुक जाता है।
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सांसद डा. हसन मंगलवार को तहसील मुख्यालय पर समाजवादी पार्टी द्वारा योगी सरकारी के खिलाफ आयोजित धरना एवं प्रदर्शन में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि रोज नए कानून बनाए जा रहे हैं। कानूनों से दुश्वारियां बढ़ रही हैं। मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है। एनआईए का इंस्पेक्टर किसी भी दाढ़ी और टोपी वाले को शक होने पर आतंकवादी घोषित कर सकता है। उन्होंने कहा कि अमरोहा में यही हुआ है। डा. हसन ने रामपुर सांसद आजम खां के समर्थन में कहा कि आजम खां मुसलमानों की जुबान हैं। उस जुबान को बंद करने के लिए जुल्म ढहाए जा रहे हैं। सरकार आजम खां के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कर दिखाना चाहती है कि आजम खां के साथ जब ऐसा हो सकता है तो बाकी मुसलमानों के साथ क्या नहीं हो सकता।
सांसद ने कहा, अनुच्छेद 370 खत्म करने से कुछ हासिल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि कश्मीर हमारा था, है और हमेशा रहेगा। तीन तलाक कानून से भी कुछ नहीं मिला। सरकार ने मैसेज दे दिया कि हम शरीयत भी में दखल दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि सियासत में रोजगार और विकास की बात नहीं हो रही है। धर्म का सहारा लेकर हिंदू और मुसलमान के बीच नफरत फैलाई और जनता का ध्यान भटकाया जा रहा है, जो हिंदुस्तान को बर्बाद कर देगी। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान की गंगा जमुनी तहजीब को बचाने और जुल्म के खिलाफ एकजुट होने का समय आ गया है।
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