अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले समाजवादी पार्टी के मुरादाबाद सांसद डॉ. एसटी हसन एक बार फिर चर्चाओं में हैं। मामला इस बार कोरोना से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग से जुड़ा है।
सांसद खुद भी डाक्टर हैं। सांसद ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का कोई महत्व नहीं है। मास्क और सैनिटाइजेशन से ही संक्रमण से बचा जा सकता है। सांसद के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव का बुधवार को जन्मदिन था। सपा सांसद भी पार्टी कार्यालय में जन्मदिन समारोह में शामिल हुए। वहां नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केक काटकर अखिलेश यादव का जन्मदिन मनाया।
इस बीच सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल नहीं रखा गया। मीडिया कर्मियों ने जब सांसद से डाक्टर होने के नाते सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी का सवाल पूछा तो सांसद ने कहा कि संक्रमण से बचाव के लिए सोशल डिस्टेसिंग का कोई महत्व नहीं है।
अमेरिका और चीन के रिसर्च में इसकी पुष्टि हो चुकी है। चीन की रिपोर्ट में साबित हुआ है कि संक्रमण पांच मीटर दूरी तक व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है। ऐसे में दो गज की दूरी के मायने कुछ नहीं हैं। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ भी सोशल डिस्टेंसिंग को कारगर नहीं मान रहा है।
दुनिया भर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है और इसका पालन करना संभव भी नहीं है। उन्होंने कहा कि मास्क और सैनिटाइजेशन से ही संक्रमण से बचा जा सकता है। इसके लिए हर किसी को मास्क पहनना चाहिए और प्रशासन को इसे सख्ती से लागू कराना चाहिए। संक्रमित इलाकों में सैनिटाइजेशन का कार्य करना चाहिए।
सोशल डिस्टेंसिंग का कोई स्टैंडर्ड मानक नहीं है कि कितने मीटर की दूरी रखनी है। कम से कम पांच मीटर दूरी हो तो इसका कुछ लाभ हो सकता है। मेरा बयान इसी को लेकर था। मैने यह कहा है पर इसका मंतव्य भी समझना होगा।
- डा. एसटी हसन, सांसद