मुरादाबाद। मुरादाबाद लोकसभा सीट से सपा सांसद डॉ. एसटी हसन समेत सात लोगों को मुरादाबाद की स्पेशल एमपी- एमएलए कोर्ट ने धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में तलब किया है। इनके खिलाफ एक वकील ने मकान पर अवैध रूप से कब्जा करने का परिवाद दायर किया था। जिसे सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया है।
अधिवक्ता फजीउल्ला खां ने एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में परिवाद दायर किया था। जिसमें कहा कि साल 1963 में उनके पिता जकाउल्ला खां ने रामपुर के नवाब से एक जमीन पुराने बर्फ खाने ईदगाह रोड के पास खरीदी थी। जिस पर मकान बनाने के बाद वसीम अहमद निवासी लाजपतनगर को किराये पर दे दिया था और शर्त रखी थी कि किरायेदार ही सारे टैक्स जमा करेगा। समय अनुसार किराया भी बढ़ाया जाएगा लेकिन वसीम अहमद ने साजिश करते हुए गृहकर अपने नाम से बना लिए। इस संपत्ति का कुछ हिस्सा अली जान के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लिखा दिया गया, जब इसका विरोध किया तो आरोपी ने अपने रिश्तेदार सांसद डॉ.एसटी हसन के सहयोग से पुलिस पर दबाव डलवाते हुए उसके और उसके बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया था। जिसके बाद डॉ. एसटी हसन ने अपने अन्य सहयोगी वसीम अहमद, समीर अहमद मोहम्मद आसिम अफताब हुसैन, बददू और लाल परवेज के साथ मिलकर 14 दिसंबर 2020 को मकान पर लगे लोहे के गेट को वेल्डिंग मशीन से काट दिया और उसमें अवैध कब्ज़ा कर लिया। इस संबंध में पुलिस अधिकारियों को कई प्रार्थना पत्र दिए गए लेकिन सांसद ने अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए कोई कार्रवाई नहीं होने दी। जिसके बाद अदालत का सहारा लिया गया था। इस मामले की सुनवाई मुरादाबाद की स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट एमपी सिंह की अदालत में की गई। वादी फजीउल्ला खान ने बताया कि अदालत ने सांसद डॉ. एसटी हसन वसीम अहमद समीर अहमद, मोहम्मद आसिम खां, अफताब हुसैन, बदूद और लाल परवेज को धोखाधड़ी षड्यंत्र जैसी संगीन धाराओं में 15 अप्रैल को तलब किया है।
मेरे ऊपर दर्ज केस फर्जी है और राजनीतिक षडयंत्र के तहत कराया जा रहा है। केस दर्ज कराने वाले डकैती के एक केस में खुद आरोपी हैं। पुलिस ने उसके खिलाफ चार्जशीट भी दायर की है। डकैती के केस से बचने से लिए उन्होंने मनगढ़ंत केस बनाया है। मेरे के खिलाफ लगाए गए आरोप मनगढ़ंत हैं। डॉ. एसटी हसन, सांसद, मुरादाबाद लोकसभा