शुक्रवार को सांसद ने अपने दीपा सराय स्थित आवास पर मीडियाकर्मियों से वार्ता की। इस दौरान अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में लगाए गए नारे पर सवाल किया गया तो सांसद ने कहा कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर इस नारे को लगाना बेहतर नहीं था।
आगे कहा कि यदि किसी छात्र ने मजहबी नारा उत्साह में लगा भी दिया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों की जा रही है। यह तो धार्मिक नारा है और इसका मतलब है भी ठीक है। इस पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। आगे कहा कि मुसलमान जरा भी कुछ बोलता है तो पूरे हिंदुस्तान का प्रशासन दौड़ पड़ता है। मुसलमानों को खौफजदा किया जाता है और डराया जा रहा है।