कुंदरकी के सपा विधायक हाजी रिजवान और जिले के एक आला अधिकारी जमीन कब्जाने के एक मामले में फंस गए हैं। विधायक और अफसर समेत छह लोगों पर अपनी जमीन कब्जाने का आरोप लगाते हुए एक अधिवक्ता ने मुख्यमंत्री से शिकायत की है।
मुख्यमंत्री कार्यालय से एसएसपी को प्रकरण की जांच कराने के आदेश मिले हैं। जिसके बाद एसएसपी ने मामले की जांच एसपी सिटी को सौंप दी है। बौद्ध विहार निवासी अधिवक्ता दुष्यंतराज और कुंदरकी विधायक हाजी रिजवान के बीच जमीन को लेकर लंबे वक्त से विवाद है।
इसी मामले में दुष्यंत जिले में तैनात एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पर भी कई बार आरोप लगा चुके हैं। अब उन्हाेंने इस मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ से शिकायत की है। अधिवक्ता का आरोप है कि मूंढापांडे में उनकी करोड़ों रुपये की जमीन पर सपा विधायक हाजी रिजवान और उनके बेटे कल्लन ने मुरादाबाद में तैनात एक आईएएस अधिकारी के साथ मिलकर कब्जा कर लिया है।
अधिवक्ता ने शिकायत में कहा है कि जब जमीन पर कब्जा किया गया उस वक्त सूबे में सपा की सरकार थी। लिहाजा बार - बार शिकायत करने के बावजूद मामले में कार्रवाई इसलिए नहीं हो सकी क्योंकि आरोपियों में एक सत्ताधारी दल का विधायक था और दूसरा अहम प्रशासनिक कुर्सी पर बैठा है।
अधिवक्ता की शिकायत पर जांच बैठा दी गई है। सीएम ऑफिस से अधिवक्ता की शिकायत पर जांच के लिए एसएसपी को फैक्स भेजा गया है। अहम प्रशासनिक कुर्सी पर बैठे आईएएस अफसर के खिलाफ जांच का आदेश मिलने से पुलिस अफसर भी असहज स्थिति में हैं। लेकिन शासन के निर्देश हैं तो जांच तो करानी ही है।
लिहाजा एसएसपी ने एसपी सिटी अभिषेक यादव को मामले की जांच सौंप दी है। विधायक का पक्ष जानने की कोशिश की गई लेकिन उनकी कॉल रिसीव नहीं हुई। उधर, प्रशासनिक अधिकारी का कहना है कि उन्हें इस तरह की कोई शिकायत या पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।