महिला के मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार को लेकर उसके पहले पति बेटों ने उसके शव पर दावा कर दिया। उनका कहना था कि उनकी मां मुस्लिम थी, उसका अंतिम संस्कार भी मुस्लिम रीति रिवाज से होना चाहिए। इसको लेकर श्मशान घाट में हंगामा होने लगा। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया और महिला का अंतिम संस्कार हिन्दू रीति रिवाज से करा दिया।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के रेलवे कालोनी में रहने वाली भूरी की शादी मन्ने शाह से हुई थी। मन्ने शाह रेलवे में नौकरी करते थे, उनकी मौत के बाद अनुकंपा आधार पर उसे नौकरी मिल गई। बाद में उसने भीमसेन से दूसरी शादी कर ली।
नौकरी से सेवानिवृत होने बाद उसने कुछ समय पहले कृष्णा विहार में एक मकान खरीदा था। बुधवार को उसकी मौत हो गई थी। परिजन उसके शव को अंतिम संस्कार के लिए किटप्लाई रोड स्थित शमशान घाट पर ले गए थे। अपनी मां की मौत की जानकारी मिलने के बाद उसे पहले पति के बच्चे भी वहां पहुंच गए।
वहां उन्होंने कहना शुरू कर दिया कि उनकी मां मुस्लिम थी, उसे सुपुर्दे खाक किया जाएगा। जबकि उसके दूसरे पक्ष के लोग उसका अंतिम संस्कार हिन्दू रीति रिवाज के मुताबिक करने की बात कह रहे थे।
सूचना मिलने पर सीओ सिटी सत्यजीत गुप्ता और सिविल लाइंस इंस्पेक्टर सहित काफी फोर्स वहां पर पहुंच गई। महिला के दूसरे पति ने पुलिस को उसकी वसीयत दिखाई, जिसमें उसने कहा था कि उसकी मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार हिन्दू रीति-रिवाज के मुताबिक किया जाए। इसके बाद हंगामा कर रहे लोगों कोपुलिस किसी तरह से शांत कराने के बाद उनको घर भेज दिया। बाद में पुलिस की देखरेख में उसका अंतिम संस्कार हिन्दू रीति-रिवाज से कर दिया गया।
एक मुस्लिम महिला ने पहले अपने पति की मौत के बाद एक हिन्दू से शादी कर ली थी। उसकी मौत के बाद उसके पहले पति के बच्चे वहां पर आ गए थे। उसको दफनाने की बात कह रहे थे। लेकिन पत्नी पर पहला हक पति का होता है। इसलिए उसका अंतिम संस्कार हिन्दू रीति रिवाज से करा दिया गया।
- सत्यजीत गुप्ता सहायक पुलिस अधीक्षक