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गोली लगने से सिपाही के बेटे की मौत, घर पर कर रहा था तमंचे को साफ

Sat, 02 Feb 2019 01:06 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरोहा
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मृतक विश्वदीप और उसके पिता ज्ञानप्रकाश - फोटो : अमर उजाला
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बरेली पुलिस लाइन में तैनात सिपाही के बेटे की तमंचा साफ करते समय गोली लगने से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से तमंचा, ब्रस और रेगमाल बरामद कर लिया है। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।  

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मूलरूप से मुरादाबाद के रामनगर निवासी ज्ञानप्रकाश सिद्धू यूपी पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं। वर्तमान में उनकी ड्यूटी बरेली पुलिस लाइन में चल रही है। पिछले करीब पंद्रह वर्षों से उनका परिवार अमरोहा के सुबोध नगर कॉलोनी में रहता है। परिवार में पत्नी शशि और दो बेटे हैं। एक बेटी थी जिसकी शादी कर दी है। बड़ा बेटा दीपक गोवा में निजी कंपनी में नौकरी करता है। जबकि छोटा बेटा विश्वदीप उर्फ मनी कक्षा दस का छात्र था। दीपक की शादी की बात चल रही। लिहाजा रविवार को गोदभराई की रस्में पूरी करने के लिए लड़की के घर जाना था। इसलिए दीपक भी घर आया हुआ है। 

घर में खुशी-खुशी कार्यक्रम की तैयारियां चल रहीं थीं, लेकिन शुक्रवार की सुबह विश्वदीप उर्फ मनी करीब साढ़े आठ बजे ट्यूशन पढ़कर घर पहुंचा। अपनी मां शशि से खाना के लिए कहा और सीधा मकान की तीसरी मंजिल पर बने कमरे में पहुंच गया। जहां थोड़ी ही देर बाद गोली चलने की आवाज सुनाई दी। परिजन ऊपर पहुंचे तो मनी लहूलुहान हालत में फर्श पर पड़ा था। यह देखकर परिजनों की चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के लोग एकत्र हो गए। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 
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सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने मौके से तमंचा, ब्रश, रेगमाल और एक खोखा बरामद कर लिया है। छात्र की मौत के बाद सिपाही पिता और मां का रो-रोक बुरा हाल है। थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया के तमंचा साफ करते समय हादसा हुआ है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। तमंचा कहां से आया इसकी जांच की जा रही है।  

मां मुझे बचा लो...
हादसे के दौरान घर में बड़ा भाई दीपक और मां शशि ही मौजूद थे। पिता ज्ञान प्रकाश सिद्धू बरेली में अपनी ड्यूटी पर थे। गोली की आवाज सुनकर दीपक और शशि कमरे में पहुंचे जहां विश्वदीप उर्फ मनी तड़प रहा था। मनी ने कई बार अपनी मां से कहा कि मां मुझे बचा लो...। बेटे के इन अल्फाजों को याद कर मां की ममता फूट-फूटकर रो रही है।  

सिपाही पिता बोला, इसके पास तमंचा आया कहां से
बेटे की मौत के बाद बदहवास सिपाही पिता ज्ञान प्रकाश सिद्दू बरेली से सीधे पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। जहां बेटे के शव देखकर फफक-फफक कर रो पड़े। बड़े बेटे दीपक और अन्य परिजनों ने उन्हें संभाला। इस दौरान पिता बोले कि मेरे पास एक लाइसेंसी असलहा है...। इसके पास तमंचा कहां से आ गया।

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