ये चोरी का आरोपी है। इससे हमदर्दी जताना उद्देश्य नहीं है, लेकिन इसे मजबूरी ने चोर बनाया है। पुलिस का भी कहना है कि हालात के चलते इसने चोरी की। ब्रेन हैमरेज की बीमारी से ग्रस्त पिता की मौत से पहले उनके इलाज में हुए कर्ज को चुकाने के लिए 10वीं पास छात्र चोर बन गया।
उसने अपने जानकार के घर से दो एलईडी, जेवर, कैश चोरी कर लिया। सोमवार को वो समान बेचकर कर्ज चुकाना चाहता था लेकिन पुलिस ने पकड़ लिया। आरोपी राघव (18) निवासी काशीराम नगर ने बताया कि उसके पिता सुधीर कुमार की दो साल पहले मौत हो गई थी।
परिवार में वह, अपनी बीमार मां और बहन के साथ रहता है। राघव के पिता ब्रेन हैमरेज की बीमारी से पीड़ित थे। उनके इलाज के लिए उसने मोहल्ले में ही रहने वाले लोगों से करीब एक लाख रुपये कर्ज लिया था। कर्ज चुकाने के लिए उसने छह माह पहले पीएसी परिसर के बाहर स्थित एक एटीएम बूथ पर सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी की।
सैलरी न मिलने पर नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद ई-रिक्शा चलाने लगा लेकिन कर्ज नहीं चुका पाया। कर्ज चुकाने के दबाव में उसने अपने जानकार नरेंद्र के बुद्धि विहार स्थित घर से दो एलईडी, फ्रिज, सामान आदि सामान चोरी कर लिया था, जिसे बेचकर वह कर्ज उतारना चाहता था।
एएसपी सिविल लाइंस डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि नरेंद्र कुमार हरथला कालोनी के रहने वाला है। वह रेलवे में सिक्योरिटी गार्ड हैं। बुद्धि विहार में स्थित उनके मकान की चाभी राघव के परिवार के पास ही रहती थी, राघव का एक रिश्तेदार उनका दोस्त है।
जिससे दोनों परिवार की आपस में जान पहचान है। मंगलवार को चोरी के सामान की बिक्री के लिए राघव घूम रहा था। एक सूचना पर उसे काशीराम नगर से गिरफ्तार कर चोरी का सामान बरामद किया।