लालबाग में हुए बवाल ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस तरह से एक जरा से झगड़े पर दो पक्ष आमने सामने आ गए थे उससे शहर की शांति में भी आग लग सकती है। अफवाहें भी खूब दौड़ीं। पाश कालोनियों से लेकर मुहल्लों तक में सनसनी थी। लोग बाग फोन करके हालात के बारे में जानकारी करते रहे।
लालबाग में शाम को करीब छह बजे दो पक्षों के बीच पथराव हुआ। एक इलाके के बवाल ने पूरे शहर को दहशत में ला दिया था। ...क्या हो गया।..सब ठीक तो है। इस प्रकार के फोन देर रात तक घनघनाते रहे। अखबार के दफ्तरों में भी लोग फोन करके जानकारी हासिल करते रहे। अफवाहों के कारण पुलिस को भी खासा दौड़ना पड़ा। लोग दहशत में घिरते रहे। जिन चौराहों पर देर रात तक रौनक रहती थी वहां सन्नाटा पसर गया था। बाजार भी समय से पहले बंद हो रहे थे। लोग जल्दी अपनी दुकानों को बंद करके घर चले गए। हालांकि विवाद यह एक मुहल्ले का था लेकिन जिस तरह से अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश होती रही उससे साफ है कि शहर की शांति में आग लगाने की साजिश रची जा रही है। अधिकारी भी इस बात से इंकार नहीं कर रहे हैं। मामले की जांच की जा रही है। अफवाह फैलाने वालों तक भी पहुंचने की कोशिश हो रही है।