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80 हजार में बिहार से बुलाए गए थे सॉल्वर, सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे युवक चल पड़े अपराध की राह पर, गिरफ्तार

Tue, 02 Feb 2021 03:35 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
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कोचिंग सेंटर पर सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे राकेश और पंकज अफसर बनने की तैयारी कर रहे थे पर अपराध की राह पर चल पड़े। सीटेट में परीक्षार्थियों की जगह बैठाने के लिए सॉल्वर राकेश यादव को 80 हजार और पंकज को मात्र दस हजार रुपये में बिहार से मुरादाबाद बुलाया गया था। राकेश को एडवांस में दस हजार और पंकज को तीन हजार रुपये ही मिले थे। आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में कबूला है कि बिजनौर के गैंग ने उनसे संपर्क किया था। सोमवार दोपहर बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां उन्हें जेल भेज दिया गया है।
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मझोला थाना क्षेत्र के आर्यंस इंटरनेशनल स्कूल में रविवार को सीटेट की परीक्षा दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़े गए आरोपी सॉल्वर राकेश यादव निवासी गांव सिघराही लधनिया जनपद मधुबनी (बिहार) निवासी है। वह अमरोहा के मोहनपुर सुमराली निवासी इरशाद अली की जगह परीक्षा दे रहा था। जबकि रामगंगा विहार स्थित सीएल गुप्ता वर्ल्ड स्कूल से आरोपी सॉल्वर पंकज कुमार निवासी गांव हमीरपुर फ रमोर जनपद पटना (बिहार) को खिलेंद्र सिंह की जगह परीक्षा देते पकड़ा गया था।

आरोपी राकेश यादव ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसके दोनों बड़े भाई गुरुग्राम में नौकरी करते हैं। वह बीएससी कर चुका है। वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है। उसने पुलिस को बताया कि कोचिंग के दौरान ही बिजनौर निवासी विशाल यादव से उसका संपर्क हुआ था। उसने कहा कि सीटेट की परीक्षा में दूसरे की जगह बैठना होगा। अगर रैंक अच्छी आई तो 80 हजार रुपये मिलेंगे। एडवांस में दस हजार रुपये भी दिए थे। जबकि दस हजार रुपये परीक्षा के बाद देने थे। बाकी की रकम परिणाम आने के बाद देने तय हुआ था।
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सॉल्वर पंकज कुमार पटना में कोचिंग सेंटर में सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी कर रहा था। उसने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। वह पांच बहनों का इकलौता भाई है। घर में कमाई का जरिया नहीं है। उसे कोचिंग सेंटर की फीस जमा करने की थी। पंकज का दावा है कि बिजनौर निवासी हरेंद्र सिंह ने उससे संपर्क किया था। दस हजार रुपये में सौदा हुआ था। जिसमें से उसे तीन हजार रुपये उसे मिले थे। एएसपी अनिल यादव ने बताया कि दोनों आरोपियों को सोमवार दोपहर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी है।

दोनों केसों की विचेना एक ही थाने से होगी
सिविल लाइंस और मझोला थाने में रविवार को एक- एक केस दर्ज किया गया है। इन दोनों केसों की जांच मझोेला थाने से की जाएगी। सिविल लाइंस थाने में दर्ज किए की विवेचना मझोला थाने में ट्रांसफर कर दी गई है। एएसपी अनिल कुमार ने बताया कि दोनों मामलों की विवेचना लाइन पार चौकी प्रभारी रामवीर सिंह राठी को सौंपी गई है।

आधार कार्ड पर फोटो बदलकर किया था परीक्षा केंद्र पर प्रवेश
विवेचक रामवीर सिंह राठी ने बताया कि आरोपी राकेश ने पूछताछ में बताया कि विशाल ने उसे अपने रिश्तेदार के आवास पर रुकवाया था। सुबह उसने इरशाद के आधार कार्ड पर मेरा फोटो लगवा दिया था। जबकि नाम पता इरशाद का ही था। उसी आधार कार्ड के जरिए आरोपी ने परीक्षा केंद्र में प्रवेश किया था। परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षक ने हस्ताक्षर का मिलान कराया तो शक हो गया था।

दूसरे केंद्रों पर भी सॉल्वर गैंग के सक्रिय होने का शक
पकड़े गए आरोपी सॉल्वर से पुलिस पूछताछ में ये भी बात सामने आई कि बिहार से बड़ी संख्या में सॉल्वर मुरादाबाद पहुंचे थे। उन्होंने गैंग के सरगना से संपर्क कर परीक्षा केंद्रों में प्रवेश किया है। अब पुलिस के सामने ये बड़ी चुनौती सामने है कि जो सॉल्वर परीक्षा देकर जा चुके हैं। उन तक कैसे पहुंचा जाएगा।
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