मुरादाबाद। शनिवार आते ही जनपद के हर तहसील मुख्यालय पर समाधान दिवस का शो सज गया। कांठ तहसील में डीएम-एसएसपी तो अन्य में एसडीएम की देखरेख में सभी प्रमुख विभागों की फौज जुटी लेकिन अधिकांश स्थानों पर समस्या का निदान या समाधान नहीं, कार्रवाई का आश्वासन मिला। अपने-अपने गांव से लंबा सफर तय करके पहुंचने वालों के चेहरों पर तहसील परिसर में दाखिल होते समय उम्मीद की जो चमक थी, वो दोपहर का वक्त आने तक मायूसी और चिंता की शिकन में बदल गई। कुछ वे फरियादी थे, जो पूर्व के समाधान दिवस में भी आ चुके हैं। उनकी निराशा और ज्यादा थी।
कई ने कहा भी कि समस्या हल नहीं होती। कल और फिर कल का जवाब लेकर कई समाधान दिवस से लौट रहे हैं। विभागीय गाड़ियों से सरकारी पेट्रोल-डीजल फूंककर आने वाले अफसरों को न गांवों से आने वाले फरियादियों के लंबे सफर की तकलीफ दिखती है, न बार-बार के चक्करों पर होने वाला खर्च। अगर अफसर जागें तो हम बार-बार क्यों भागें।
बोले कांठ के फरियादी
पहले मेरा बिजली बिल एक हजार रुपये आता था, स्मार्ट मीटर लगते ही दो-तीन हजार रुपये हो गया। मैंने परेशान होकर तीन केवीए का सौर ऊर्जा सिस्टम लगवा लिया, जिसके बाद बिल चार हजार रुपये आ रहा है। पहले भी समाधान दिवस में शिकायत की पर निस्तारण नहीं हुआ। - कुलदीप कुमार, नवादड़ी, कांठ
.... मेरा घर रामगंगा नदी के करीब है, जो आने वाली बरसात में गिर सकता है। समाधान दिवस में प्रार्थनापत्र दिया है। गरीब व्यक्ति हूं और प्रशासन से मदद चाहता हूं। पहले भी अपनी समस्या का हल कराने की गुहार लगाई थी,लेकिन सुनवाई नहीं हुई है। - सकवेंद्र सिंह, कमालपुरी, कांठ
.... खेत की समस्या लेकर करीब सात साल से परेशान घूम रहा हूं। कई बार अधिकारियों और संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थनापत्र दिया लेकिन निस्तारण नहीं हो रहा है। इस शनिवार भी आश्वासन दिया गया है। अब आश्वासन डीएम साहब से मिला है। - रिजवान, उमरी कलां, कांठ
.... हमारा जमीन का मामला है कई बार आदेश हुए पर अमल नहीं हुआ। समाधान दिवस में भी कई बार प्रार्थनापत्र दिया। अब फिर से गुहार लगाई है कि हमारे पक्ष में आदेश का पालन कराएं। - सोमपाल सिंह, चंगेरी, कांठ