सॉफ्टवेयर इंजीनियर शैलेंद्र रूहेला का शव शनिवार रात उसके घर पाकबड़ा पहुंचा तो हर आंख हर छलक आई। इंजीनियर के तीनों भाई एक-दूसरे को संभालने की कोशिश तो कर रहे थे। लेकिन खुद को रोने से नहीं रोक पाए।
नोएडा में मारे गए इंजीनियर शैलेंद्र का परिवार पाकबड़ा कस्बे में रहता है। परिवार में तीन भाई संजय, मनोज और अशोक हैं। जबकि एक बहन पूनम है। शैलेंद्र की हत्या की खबर जैसे ही उसके घर पहुंची तो कोहराम मच गया। परिजनों में चीख पुकार मच गई। वह सुबह ही नोएडा के लिए रवाना हो गए थे।
परिजनों ने बताया कि चार साल पहले शैलेंद्र के दूसरे भाई अरुण की लखनऊ में एक हादसे में मौत हो गई थी। परिवार अभी अरुण की मौत को भूला भी नहीं था कि शनिवार को शैलेंद्र की हत्या की खबर ने परिजनों को झकझोर दिया।
परिजन व परिचित व रिश्तेदार नोएडा चले गए। जबकि घर में दिन भर आने जाने वाले लोगों की भीड़ जुटी रही। कस्बे में जिसने भी सुना वह सन्न रह गया। शनिवार रात करीब नौ बजे पोस्टमार्टम के बाद नोएडा से शव घर पहुंचा तो लोगों की भीड़ गई। यहां मौजूद हर शख्स की आंख से आंसू छलक आ गए। रविवार को शैलेंद्र के शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
रविवार को पाकबड़ा आया था इंजीनियर
शैलेंद्र के पिता बिजली विभाग से सेवा निवृत्त हैं। जबकि भाई अशोक का ट्रांसपोर्ट का कारोबार है। मनोज मोबाइल व्यापारी हैं और संजय लंच बॉक्स सप्लायर हैं। परिजनों ने बताया कि नोएडा की एमएलसी कंप्यूटर कंपनी में जॉब लगने के बाद शैलेंद्र पत्नी और बच्चे के साथ दिल्ली केपांडव नगर में शिफ्ट हो गया था। रविवार को शैलेंद्र पाकबड़ा गया था। रात यहां रुकने के बाद वह सुबह ही दिल्ली के लिए रवाना हो गया था। इसके अलावा वह लगातार परिवार के सदस्यों से फोन पर हालचाल लेता रहता था।