क्राइम कंट्रोल में नाकाम जिले का एक थानेदार साहब की फटकार पड़ने के बाद से ऑन रिकार्ड गैर हाजिर हो गया है। थाने की जीडी की मानें तो थानेदार ‘बीमार’ है। एसओ ने जीडी में बीमारी का तस्करा डाल रखा है। लेकिन हकीकत यह है कि थानेदार अपने थाने पर मौजूद है और कागजों पर दस्तखत के अलावा पूरी थानेदारी भी कर रहा है।
थाने में पीड़ितों की फरियाद सुननेे से लेकर मातहतों पर हुक्म बजाने तक एसओ की तबियत बिलकुल सही है। लेकिन जीडी में बीमार है इसलिए रूटीन कागजों पर दस्तखत, सीयूजी और इलेक्शन ड्यूटी का जिम्मा मातहतों को सौंप रखा है।
साहब की फटकार के बाद से ‘बीमार’ पड़ने वाले ये थानेदार कांठ सर्किल के हैं। जो पिछले चार दिन से ‘बीमार’ हैं। क्राइम कंट्रोल में नाकाम रहने पर इन्हें महकमे के साहब ने डपट दिया था। कुछ ऐसा कहा जो थानेदार को नागवार गुजरा।
इसके बाद से टेंशन में आए थानेदार को कोई रास्ता नहीं सूझा तो उसने अपने थाने की जीडी में बीमारी का तस्करा डाला और इलाज कराने की बात कहकर रवानगी कर ली। इसके बाद से ये थानेदार थाने की जीडी में (ऑन रिकार्ड) तो अपना इलाज करा रहे हैं लेकिन हकीकत में थाने पर मौजूद हैं और रोजमर्रा की तरह सभी काम कर रहे हैं।
एकाध दिन तो थाना थानेदार के आवास से चला फिर थाने के साहब ने ‘बीमारी’ की हालत में ही थाने में बैठकर काम निपटाना शुरू कर दिया है। दरअसल थानेदार की इस हरकत को अफसर अनुशासनहीनता मान रहे हैं और बहुत जल्द इस एसओ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है।