मुरादाबाद। जिले में सांपों के डसने की घटनाओं से हर दिन तीन जिंदगियों पर संकट खड़ा हो रहा है। एक माह के भीतर दो लोगों की मौत हो चुकी है। एक साल में सांप के डसने के 1282 और तीन साल में 4807 केस आ चुके हैं। यह आंकड़ा सिर्फ सरकारी अस्पतालों का है। कई ऐसे भी हैं जिन्होंने निजी अस्पताल में उपचार लिया या फिर अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ गए।
दूसरी ओर सरकारी रिकॉर्ड में सर्पदंश से मरने वालों की संख्या शून्य है। इस रिकॉर्ड के मुताबिक सरकारी अस्पताल में आए सभी लोगों को एंटी वेनम लगाकर उनकी जान बचाई गई है। 14 जून को कुंदरकी ब्लॉक के गांव इमरतपुर उधौ के निवासी खिलौना विक्रेता अनुज कुमार को सब्जीपुर में सांप ने डस लिया। वह उस समय सब्जीपुर में एक मजार पर चल रहे उर्स में खिलौने बेच रहे थे। तभी अचानक जंगल से आए सांप ने डसा और चंद घंटों में उनकी मौत हो गई। इनके अलावा बिलारी के गांव ग्वारऊ में पिछले माह टीवी मैकेनिक हुकुम चंद्र को घर में सोते समय सांप ने डस लिया।
कुछ देर बाद ही उनकी मौत हो गई थी। परिजनों की सहमति पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम भी कराया था लेकिन परिजनों को कोई मुआवजा नहीं मिला। जबकि सर्पदंश से मौत होने पर पांच लाख रुपये तक के मुआवजे का नियम है। इस तरह के मामले रोजाना आसपास के गावों में मिल रहे हैं।
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कॉलोनियों की सड़कों से कार की सीट तक सांपों का डेरा
शहर की आवासीय सोसायटियों की सड़कों पर आजकल सांप रेंगते दिख रहे हैं। इससे लोगों में डर का माहौल है। गौर ग्रेशियस, सुपरटेक, पार्श्वनाथ प्रतिभा आदि सोसायटियों के लोग स्थानीय निकाय में शिकायत भी कर चुके हैं। शनिवार को भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष मनीष गुर्जर की सर्किट हाउस में खड़ी कार में शनिवार की दोपहर एक सांप घुस गया। काफी मशक्कत के बाद सांप नहीं पकड़ा जा सका। इसके बाद बुलाए गए सपेरे ने सांप को पकड़ लिया। जब जाकर भाजपा नेता ने राहत की सांस ली।
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हर साल सात लाख रुपये एंटी वेनम पर हो रहे खर्च
सांप के डसने पर लोगों के उपचार के लिए हर साल सात लाख से ज्यादा रुपये खर्च हो रहे हैं। यह खर्चा सिर्फ एक बार एंटी वेनम की डोज का है। गावों में लोग ज्यादा परेशान हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि मुरादाबाद शहर समेत जिले के आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर साल में 790 कैंप लगाए गए हैं। इसमें 52 हजार लोगों की जांच की गई है। सर्पदंश से लेकर डेंगू, मलेरिया व अन्य मामलों में लोगों को उपचार दिया गया है।
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क्या कहते हैं डॉक्टर
- मरीज को शांत रखें और घबराहट से बचें। क्योंकि रक्त प्रवाह तेज होने पर जहर तेजी से फैल सकता है।
- मरीज को सोने न दें और फौरन 108 या 112 पर कॉल करें और एंबुलेंस बुलाएं।
- काटने वाले स्थान को साबुन और पानी से धोएं।
- घाव को साफ और सूखे कपड़े से ढक दें।
- आभूषण और तंग कपड़े निकाल दें, इससे सूजन हो सकती है।
- जितनी जल्दी हो सके मरीज को अस्पताल ले जाएं।
क्या न करें
- काटने वाले स्थान पर कट न लगाएं या चूसने की कोशिश न करें
- बर्फ का प्रयोग न करें, इससे रक्त वाहिकाएं सिकुड़ सकती हैं और जहर फैल सकता है।
- एस्पिरिन या इबुप्रोफेन जैसी दर्द निवारक दवाएं न लें
- घाव को रगड़ने या उस पर कुछ भी लगाने से बचें
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जिला अस्पताल और सभी सीएचसी पर एंटी वेनम उपलब्ध हैं। वर्तमान में 1125 एंटी स्नेक वेनम हमारे स्टॉक में हैं। सांप के डसने से मौत का कोई मामले संज्ञान में नहीं आया है। यदि किसी की मौत हुई है तो परिजन तय प्रक्रिया के मुताबिक मुआवजे के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव, डिप्टी सीएमओ