राष्ट्रीय खेलों को लिए मुरादाबाद के छह खिलाड़ियों का चयन
- हॉकी में फराज और सिमरन, जूडो में विधान, रोहन, अभिषेक और तैराकी में रोहित दिखाएंगे हुनर
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुरादाबाद। गुजरात में चल रहे राष्ट्रीय खेलों के लिए मुरादाबाद के छह खिलाड़ियों को चुना गया है। हॉकी में फराज खां और सिमरन सिंह, जूडो में विधान कुमार (100 किग्रा), रोहन विश्नोई (100 किग्रा), अभिषेक विश्नोई (-81 किग्रा) और तैराकी में रोहित शर्मा को मौका मिला है।
इस बार सात साल बाद राष्ट्रीय खेलों का आयोजन हो रहा है और 28 खेलों में यूपी के 462 खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं। मुरादाबाद के सभी खिलाडियों ने यूपी के दल के साथ सीएम योगी से मुलाकात की। खिलाड़ियों के मुकाबले दो अक्तूबर से शुरू हैं। सभी अपने अपने इवेंट के मुताबिक अलग अलग तारीख को गुजरात के लिए रवाना होंगे। प्रदेश सरकार की घोषणा के मुताबिक उन्हें ट्रेनों के एसी-थ्री कोच में वरीयता दी जाएगी। इन खेलों के जरिये ओलंपिक तक पहुंचने में खिलाड़ियों को मदद मिलेगी।
खिलाड़ियों से बातचीत
2.5 साल की उम्र में पिता ने पूल में उतारा
मेरे पिता तैराकी के कोच हैं। वह बताते हैं कि ढाई वर्ष की उम्र में उन्होंने मुझे स्वीमिंग पूल में उतारा। अब मेरी उम्र 17 वर्ष है। तब से अब तक पिता ने ही सिखाया है। केंद्रीय विद्यालय में रहकर मैं स्कूल नेशनल चैंपियनशिप में पदक जीत चुका हूं। खेलो इंडिया गेम्स में प्रतिभाग किया था। नेशनल गेम्स में पहली बार प्रतिभाग कर रहा हूं। यह एक नया अनुभव होगा।
- रोहित सिंह, तैराक
कंक्रीट के मैदान ने टर्फ तक पहुंचाया
जीआईसी के कंक्रीट के मैदान से मेरा हॉकी का सफर शुरू हुआ था। कोच इकबाल सर का साथ मिला और मैं जूनियर इंडिया टीम में ट्रायल के बाद सलेक्ट हो गया। इसके बाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। नेशनल गेम्स में पहली बार प्रतिभाग करूंगा। कोशिश रहेगी कि अपनी टीम के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रर्शन करूं।
- फराज खां, हॉकी खिलाड़ी
बचपन में ही मैंने थाम ली थी हॉकी
बचपन से ही मुझे हॉकी स्टिक अच्छी लगती थी। स्कूल में गई तो जानकारी हुई कि हॉकी राष्ट्रीय खेल है। इसमें और रुचि जागी फिर खेलना शुरू किया। प्रदेश, राष्ट्र स्तर की प्रतियोगिताओं के बाद मैं अंतराष्ट्रीय स्तर पर आयरलैंड के खिलाफ जूनियर इंडिया टीम से खेल चुकी हूं। अब नेशनल गेम्स में मौका मिला है। यह मेरे लिए गर्व का विषय है।
- सिमरन सिंह, हॉकी खिलाड़ी
हर हाल में मेडल जीतना है
स्कूल से जूडो खेलना शुरू किया था। यह खेल मेरी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया। खेलो इंडिया, यूनिवर्सिटी गेम्स, ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में मेडल जीता। अब गुरुजनों और परिजनों के सहयोग से नेशनल गेम्स में मौका मिला है। यह वास्तव में मेरे लिए बड़ा मौका है। इसमें मेडल हर हाल में जीतना है।
- विधान कुमार, जूडो खिलाड़ी
वास्तव में बड़ा मंच है नेशनल गेम्स
मैनें 2012 में पहली बार जूडो खेला था। स्कूल की टीम से आगे बढ़ने का मौका मिला। सीबीएसई नेशनल और जूनियर एशियन चैंपियनशिप में प्रतिभाग किया। अब नेशनल गेम्स में प्रतिभाग करने का मौका मिला है। यह वास्तव में बड़ा मंच है। यहां पूरी मेहनत से खेलूंगा और मेडल जीतने का प्रयास करूंगा।
- रोहन विश्नोई, जूडो खिलाड़ी
ये मौक है पहचान बनाने का... छोडूंगा नहीं
अब तक प्रदेश स्तरीय कई प्रतियोगिताएं खेलीं। जूनियर और सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में भी प्रतिभाग किया। अब यह प्रतियोगिता वास्तव में खुद को साबित करने का बड़ा मौका। यूपी के चुनिंदा खिलाड़ियों में मुझे चुना गया है, यह गर्व की बात है। इस मौके को हाथ से जाने नहीं दूंगा।
- अभिषेक चौधरी, जूडो खिलाड़ी