भीषण गर्मी और उमस से बेहाल जनमानस को गत तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने राहत दी है। स्थिति यह है कि धूप न निकलने से अधिकतम तापमान सामान्य से छह डिग्री सेल्सियस कम हो गया है। शनिवार को बारिश 79.2 मिली मीटर दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी दो दिन तक हल्की बारिश रहने की उम्मीद है।
जुलाई माह में बारिश के लिए किसान ही नहीं, आम जनमानस भी आसमान की ओर टकटकी लगाकर देख रहा था। 22 जुलाई तक लगभग 113.4 मिली मीटर ही बारिश हो सकी थी। 25 जुलाई से बारिश की ऐसी झड़ी लगी कि धूप तक नहीं निकल सकी। 25 से 28 जुलाई तक 211.2 मिली मीटर बारिश हो गई। शनिवार को भी दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रही।
राजकीय इंटर कालेज स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी निसार अहमद अंसारी ने बताया कि सुबह आठ बजे के बाद से दिन में 14 मिली मीटर बारिश हुई है। इसकी वजह से अधिकतम तापमान में 2.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई। अधिकतम तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया तो वहीं, न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा। लगातार बारिश से वातावरण में नमी बनी हुई है।
सुबह की आर्द्रता सौ फीसदी और शाम की 98 फीसदी दर्ज की गई। दस किलोमीटर की गति से पूर्वी हवा चलने से लोगों को ठंडक का अहसास होेने लगा। इससे घरों के कूलर और पंखे बंद होने लगे। पंत नगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एचएस कुशवाह ने बताया कि रविवार और सोमवार को हल्की बारिश का अनुमान है।
जब हवा में नमी ज्यादा है तो तापमान 25-26 डिग्री सेल्सियस के आसपास होता है और न्यूनतम व अधिकतम बारिश में अंतर नहीं रह जाता है। आगामी दिनों में हल्के से मध्यम बादल छाए रहेंगे। यह धान और गन्ने की फसल के लिए लाभकारी है। किसान बाजरा, ज्वार, अरहर, मूंग, उड़द की फसल के खेत में पानी न भरने दें। खेत में जलभराव से सब्जियों के सड़ने का खतरा बढ़ जाता है।