सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बाद मुरादाबाद के सांसद डॉ. एसटी हसन ने बांदा में न्यायिक हिरासत के दौरान मुख्तार अंसारी की मौत को लेकर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि मौत प्राकृतिक हुई या अन्य कारणों से हुई है, इस घटना की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। उनके परिजन काफी दिनों से शक जाहिर कर रहे थे कि मुख्तार को जेल के अंदर जहर देकर मार दिया जाएगा। इस बीच अचानक तबीयत खराब होना और मौत होने से सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों की जांच कराना कोर्ट का विषय था। इस मामले में रिटायर्ड जज नहीं, सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में जांच होनी चाहिए। इसके बाद ही दूध का दूध और पानी का पानी होगा। पोस्टमार्टम के दौरान सुरक्षित किए गए विसरा की जांच देश के बड़े सरकारी और प्राइवेट दोनों प्रकार की लैब से होनी चाहिए। ये लैब प्रदेश के बाहर की होनी चाहिए। इससे साफ हो जाएगा कि उनको जहर दिया गया था या नहीं। बता दें कि बांदा जेल में सजा काट रहे मुख्तार अंसारी जेल में बेहोश हो गए थे। वहां मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मुख्तार अंसारी की मौत हो गई।