फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अफसरों के बयान और दस्तावेज लेकर एसआईटी लखनऊ रवाना, आजम खां के खिलाफ हो रही जांच

Mon, 18 Mar 2019 01:28 AM IST
vivek shukla न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
विज्ञापन
आजम खां (file) - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खां के खिलाफ चल रही एसआईटी जांच जारी है। रविवार को एसआईटी के अधिकारियों ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से बातचीत की। इसके बाद अधिकारियों के बयान और दस्तावेज लेकर एसआईटी लखनऊ के लिए रवाना हो गई। 

विज्ञापन


पूर्व मंत्री आजम खां के खिलाफ तमाम शिकायतें हैं। भाजपा के लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना हनी, अधिवक्ता मुस्तफा हुसैन, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हाफिज अब्दुल, कांग्रेसी नेता फैसल लाला ने राज्यपाल से लेकर मुख्यमंत्री तक से शिकायतें की हैं।

आरोप है कि जौहर यूनिवर्सिटी में जल निगम, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, बिजली विभाग समेत कई विभागों की ओर से नियमों को दरकिनार कर सत्ता के बल पर काम कराया गया था। सरकारी पैसे से निजी विश्वविद्यालय में निर्माण कराए गए।
विज्ञापन


फिर चाहें पानी की टंकी के निर्माण की बात हो या फिर सरकारी धन से तहसील के पास बने जौहर शोध संस्थान की बात की हो। इसमें और भी काफी अनियमितताएं हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया। एसआईटी आजम खां से जुड़े तमाम आरोपों की जांच कर रही है।

इसको लेकर रविवार को एसआईटी के समक्ष विभिन्न विभागों के अधिकारी पेश हुए और अपने विभाग से संबंधित दस्तावेज पेश किए। बयान भी रिकार्ड किए गए। दोपहर बाद टीम लखनऊ के रवाना हो गई। अब होली के बाद एसआईटी का रामपुर आगमन होगा, जिसमें कुछ और जांच की जाएगी।

एसआईटी के समक्ष रखे महत्वपूर्ण बिंदु
रामपुर। भाजपा के लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना हनी ने रविवार को निरीक्षण भवन में अधिकारियों से मुलाकात की। पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान द्वारा किए गए सरकारी भूमि पर कब्जे एवं भ्रष्टाचार को लेकर एसआईटी टीम के पुलिस उपाधीक्षक अशोक यादव कुछ अति महत्वपूर्ण बिंदुओं को रखा। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द एसआईटी की जांच पूर्ण होगी और जिन जिन दोषी अधिकारियों ने पूर्व मंत्री आजम खान के दबाव में आकर सरकारी भूमि एवं गरीबों की भूमि को जबरन कब्जा करवाया गया है। वह जल्द से जल्द खाली होगा और गरीबों को अपनी जमीनें वापस मिलेंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें