मुरादाबाद। केंद्र सरकार ने व्यापारियों को कर बैठे पंजीयन कराने के लिए सीजीएसटी में फेसलेस स्कीम का लागू किया। फेसलेस के सरल नियमों का फायदा उठाते हुए लखनऊ के अंकित कुमार ने सरकार को 3410 करोड़ का चूना लगाया हैं। इसी प्रकार फर्जी फर्जी नाम पता के कागजात को लगाकर कई अंकित सरकार को चूना लगा चुके हैं। ऐसे लोगों को पकड़ना भी आसान नहीं है। राज्य कर अधिकारियों की जांच से पता चला कि लखनऊ के अंकित कुमार ने फर्जी पता और बिजली विभाग के फर्जी बिल और मकान का फर्जी एग्रीमेंट बनाकर सीजीएसटी में 2023 में पंजीयन कराया। धीरे धीरे उसने अपने दो मोबाइल नंबरों के माध्यम से 122 बोगस फर्में खड़ी कर दी। मुरादाबाद जीएसटी टीम द्वारा दो ट्रकों के पकड़े जाने के बाद अपर आयुक्त ग्रेड-2 आरए सेठ की टीम ने जांच की तो करोड़ों के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जांच में आया कि इस मामले में लोहे के माल के क्रेता और विक्रेता दोनों के पते फर्जी हैं। कागजात भी फर्जी है। राज्य कर के अधिकारियों का मानना है कि ऐसे हजारों अंकित कुमार घर बैठे फर्जी कागजात के आधार पर जीएसटी पंजीयन कराए हैं। कारोबार के लिए फर्जी बिल लगाया है। साथ ही सरकार को चूना लगाने के लिए आईटीसी क्लेम कर दिया है। सरकार आईटीसी क्लेम होने पर कारोबारियों को पैसा रिफंड कर देती है। इसी प्रकार मुरादाबाद जिले में भी लकड़ी की 128 बोगस फर्में पकड़ी गई थी। इन फर्मों के माध्यम से 1300 करोड़ रुपये के कारोबार करने का मामला प्रकाश में आया था। साथ ही राज्य कर अपर आयुक्त ग्रेड - अशोक कुमार सिंह की रिपोर्ट पर सीजीएसटी को 95 फर्मों के पंजीयन को निरस्त करना पड़ा। पता चला है कि दिल्ली के कुछ कारोबारी तीन से लेकर पांच प्रतिशत लेकर फर्जी बिल बाउचर देने का सिडिंकेट चलाते हैं। अब एफआईआर दर्ज होने के बाद सिंडिकेट के पकड़े जाने की संभावना है।