शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहादत दिवस पर मुरादाबाद नागरिक समाज की ओर से कार्यक्रम का आयोजन स्वतंत्रता संग्रमा सेनानी भवन में किया गया। शहीदों को नमन कर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए गए। वक्ताओं ने कहा कि अंग्रेजों ने गलत तरीके से तीनों क्रांतिकारियों को फांसी की सजा सुनाई थी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि कानूनविद डा. हरबंश दीक्षित ने कहा कि जो व्यक्ति अपना पक्ष रखने के लिए कोर्ट में आ सकता है। उसे सुने बिना फैसला सुनाना न्याय का गला घोंटने जैसा है। यह न्याय के सिद्घांतों के विरुद्घ है। इस संबंध में मुरादाबाद नागरिक समाज ने सर्वसम्मति से राष्ट्रपति से मुलाकात करने और सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने का निर्णय लिया है।
संगठन के सचिव सरदार गुरविंदर सिंह ने बताया कि देशभर में इस विचार को ले जाने के लिए होली के बाद विभिन्न जिलों में हस्ताक्षर अभियान शुरू किया जाए। स्वतंत्रता सेनानी भवन से इस अभियान की शुरूआत बुधवार से की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजशंकर गर्ग ने की।