मुरादाबाद। ध्रुव के अपहरण के बाद शिखा अपने प्रेमी अशफाक को फोन पर पल पल की जानकारी दे रही थी। उसने सात अगस्त की रात दस बजे अशफाक को फोन कर बताया था कि यहां थाने में केस दर्ज हो गया है। मीडिया कर्मी भी आ गए हैं। हमारे के घर के आस पास पुलिस कर्मी सादा वर्दी में ड्यूटी कर रहे हैं। पुलिस ने तगड़ी फिल्डिंग सजाई है। अब अपना प्लान फेल हो गया है। अब बच्चे को छोड़ना होगा।
पुलिस पूछताछ में शिखा ने बताया कि उसकी मौसेरी सास रेखा ने कुछ समय पहले ही एक प्लाट बेचा था। जिसके करीब पंद्रह लाख रुपये उनके पास हैं। जिस घर में मेरे पति और उनके मामा सतीश का परिवार रहता है। उसकी कीमत भी करीब एक करोड़ रुपये हैं। परिवार के सभी लोग ध्रुव को बहुत प्यार करते हैं। उसे पूरा विश्वास था कि परिवार के लोग रुपयों की व्यवस्था कर फिरौती की रकम दे देंगे, लेकिन मामला पुलिस तक पहुंचा तो मीडिया कर्मी भी आ गए थे। इसके बाद पूरे शहर में हल्ला मच गया था। शिखा ने खुद को फंसा देख मकान की दूसरी मंजिल पर पहुंचकर अशफाक को कॉल कर जानकारी दे दी थी। जिस मोबाइल से शिखा कॉल कर पल पल की जानकारी दे रही थी वह भी अशफाक ने ऑनलाइन आर्डर कर रामलीला मैदान के पास मंगवाकर शिखा को दिया था।