कुंदरकी। अमेरिका व इस्राइल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई की मौत की खबर से शिया समुदाय रंजोगम में डूब गया। लोगों ने कैंडल मार्च निकल कर गम का इजहार किया।
रविवार की सुबह सुप्रीम लीडर की मौत की खबर सुनकर इमामबाड़ों व मस्जिदों के अलावा शिया समुदाय ने अपने घरों पर शोक के प्रतीक काले परचम लगा दिए और काले लिबास पहन लिए। कुंदरकी की मस्जिद-ए-सादात में धर्मगुरु अयातुल्ला अली खामनेई के ईसाले सवाब के लिए कुरान ख्वानी की गई। मजलिस के दौरान मातमी अंजुमनों ने नोहाख्वानी की और वक्ताओं ने खामनेई की जिंदगी पर रोशनी डाली। इस दाैरान भारी संख्या मे शिया समुदाय के लोग शामिल रहे ।
खामनेई की कुर्बानियों को भुलाया नहीं जा सकता : जैदी
मौलाना नय्यर रजा नकवी ने कहा कि अमेरिका और इस्राइल के हमले में शिया समुदाय ने अपना लीडर खो दिया है। खामनेई इंसानियत और अमन शांति चाहते थे। वहीं मौलाना आफाक आलम जैदी ने कहा कि खामनेई की कुर्बानियों को भुलाया नहीं जा सकता है।