शनि अमावस्या आज है। पुरोहितों के अनुसार शनि अमावस्या पर शनि भगवान की उपासना, अभिषेक और पूजा अर्चना के साथ सरसों के तेल में मुंह देखकर उसमें एक लौंग डाल दें और फिर उस तेल का दान करें। भक्त शनि भगवान के समक्ष या फिर पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक अवश्य जलाएं।
शनिवार को मार्गशीष माह की अमावस्या तिथि है। जो लोग साढ़े साती या शनि की किसी और पीढ़ा के प्रभाव में हैं उनके लिए वर्ष 2017 की आखिरी शनि अमावस्या कल्याणकारी सिद्ध होगी। सत्य श्री शिव मंदिर आवास विकास पीली कोठी के पुजारी पंडित कैलाश मुरारी, गीता ज्ञान मंदिर कोठीवाल नगर के पुरोहित पंडित गिरिजाभूषण मिश्र, शिव शक्ति मंदिर रामगंगा विहार के पुजारी पंडित हेमंत भट्ट आदि ने बताया कि वर्तमान में धनु राशि पर शनि की साढ़े साती चल रही है।
मानसिक, शारीरिक या अन्य कोई कष्ट से गुजर रहे व्यक्ति शनि भगवान से कष्टों से मुक्ति देने की प्रार्थना करें।