मुरादाबाद। इस्लाम में शब-ए-बरात की रात का मर्तबा बहुत अफजल बताया गया है। उलमा के मुताबिक इस रात जो भी बंदा सच्चे दिल से दुआ मांगता है, अल्लाह उसकी दुआओं को कबूल फरमाता है। इसके लिए पूरी रात इबादत का सिलसिला चलता है। कब्रिस्तान जाना पैगंबर इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम की सुन्नत बताया गया है। लिहाजा शब-ए-बारात की रात मुस्लिम समाज के लोग कब्रिस्तानों में जाकर दुनिया से रुखसत हो चुके अपने अजीजों के लिए दुआ करते हैं।
शहर के नायब इमाम सैयद फहद अली ने शब-ए-बरात के मौके पर मुस्लिम समाज के लोगों से इबादत में मशगूल होने की अपील की है। उन्होंने सभी से इस मौैके पर कमजोर मिस्कीन बेसहारों की मदद करने को कहा। उन्होंने कहा कि जो अल्लाह का नेक बंदा किसी की मदद करता है, तो खुदा उसके नेक अम्लों को कुबूल करता है। रिजक देने वाला अल्लाह है, इसीलिए अल्लाह पाक से अच्छी उम्मीद रखें। पूरी मेहनत के साथ अपना काम करते रहें। भूखों को खाना खिलाए। बुराई से बचें। सच्चाई का साथ कभी ना छोड़े। उन्होंने शहर के युवाओं से आतिशबाजी से परहेज करने, बाइक स्टंट से बचने की भी अपील की है।
इधर शब-ए-बरात को लेकर शहर के सभी कब्रिस्तानों में साफ सफाई का काम मुकम्मल कर लिया गया। शहर की सभी प्रमुख कब्रिस्तानों में रोशनी कर झालरों से सजाया गया है। मुस्लिम समाज के लोग इस मौके पर घरों में तरह-तरह का हलवा बनाते हैं। नजरो नियाज कर लोगों को हलुआ आदि बांटते हैं। यह सिलसिला रात से भोर तक चलता रहता है।
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गरीबों को बांटेंगे हलवा
एआईएमआईएम के महानगर अध्यक्ष वकी रशीद ने बताया की शब-ए-बरात के मौके पर वह अपने साथियों के साथ लावारिस लोगों के लिए मगफिरत दुआ करेंगे। गरीबों को हलवा भी बांटेंगे।