संभल के कुढ़फतेहगढ़ थाना क्षेत्र निवासी एक ग्रामीण ने 15 जनवरी 2013 को मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उसने कहा कि बलकसपुर गांव निवासी रमेश यादव का बेटा ओमेंद्र उसकी बहन के साथ रास्ते में छेड़खानी करता था। वह अपने भाई व अन्य लोगों के साथ रमेश यादव के घर उसके बेटे की शिकायत करने गया था। शिकायत करने पर रमेश यादव और उसके बेटे लल्ला उर्फ अगरपाल, मंझला उर्फ नरेंद्र झगड़ा करने लगे।
आरोप है कि लल्ला उर्फ अगरपाल ने तमंचा निकाल कर गोली चला दी थी। गोली लगने से वादी का भाई घायल हो गया था। आवाज सुनकर आसपास के कई लोग एकत्र हो गए थे। तब लोगों को आता देख पिता-पुत्र वहां से भाग गए थे। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससी एसटी कोर्ट सुनील कुमार की अदालत में की गई।
विशेष लोक अभियोजक आनंद पाल सिंह ने बताया कि अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर रमेश यादव, लल्ला उर्फ अगरपाल, मंझला उर्फ नरेंद्र को सात- सात साल के कठोर कारावास की सजा के साथ प्रत्येक दोषी पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।