70 वर्षीया महिला की दुष्कर्म के बाद हत्या के तीन वर्ष पुराने मामले में अमरोहा की फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश उमेश कुमार (द्वितीय) ने मामले को विरल मानते हुए अभियुक्त उपेंद्र को फांसी की सजा सुनाई है। इसके अलावा एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। उपेंद्र ने 24 फरवरी 2017 को वारदात को नौगावां सादात थाना क्षेत्र में अंजाम दिया था।
जानकारी के मुताबिक नौगावां सादात थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किसान की 70 वर्षीय पत्नी खेत पर सरसों की फसल काटने गई थी। गांव में ही कोल्हू पर काम करने वाले युवक उपेंद्र निवासी चारुआ, जनपद गया, बिहार ने अपने एक अज्ञात साथी के साथ मिलकर महिला को गन्ने के खेत में खींच लिया था।
जब वह घर नहीं लौटी तो उसके पति ने उसे तलाशा। तब गांव की ही एक महिला ने दो युवकों को एक वृद्धा को पकड़कर खेत में ले जाने की बात कही। किसान की पत्नी का शव खेत में मिला। पुलिस ने हत्या की धारा में उपेंद्र और उसके एक साथी के खिलाफ केस दर्ज किया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला से दुष्कर्म करने के बाद गला दबाकर हत्या करने की बात सामने आई। तब पुलिस ने दुष्कर्म की धारा बढ़ाई। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार ने पक्ष रखा। उनकी ओर से अभियुक्त को फांसी दिए जाने की मांग की गई।
अदालत ने अपराध को विरल से विरलतम की श्रेणी में रखते हुए उपेंद्र को हत्या का दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई है। जबकि दुष्कर्म के अपराध में आजीवन कारावास दिया गया है। इसके लिए एक लाख रुपये अर्थदंड भी दिया गया है।