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आरडीएसओ ने दी सेंसर रिपोर्ट, टेल्गो का पहला दिन सक्सेस

Tue, 31 May 2016 10:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
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टेल्गो
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रविवार को इज्जतनगर से बरेली जंक्शन और मुरादाबाद के बीच स्पेन की हाई स्पीड ट्रेन टेल्गो के पहले दिन का ट्रायल सक्सेस माना गया है। यह संकेत आरडीएसओ की टीम ने सेंसर रिपोर्ट के आधार पर दिए हैं। टीम असली परीक्षा तो दिल्ली-पलवल और मथुरा के बीच मान रही है, यहां पर सांप - सीढ़ी के खेल की तरह के कई मोड़ हैं। जहां पर 170 से 200 की स्पीड से ट्रेन को दौड़ाना चुनौैती हो सकता है। हालांकि टेल्गो की टीम इस चुनौती को सामान्य मान कर चल रही है।
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टीम का तर्क है कि इस तरह के मोड़ पर इस तकनीकी की ट्रेन को संचालित करना दूसरे देशों में आम बात है।
आरडीएसओ की टीम ने पहले दिन इज्जतनगर से बरेली जंक्शन और फिर मुरादाबाद तथा वहां से इज्जतनगर वापसी के ट्रायल के सेंसर डाटा का परीक्षण किया। जिसके आधार पर प्रथम दृष्टया पहले दिन का ट्रायल सक्सेस (संतोषजनक) बताया गया है। ट्रायल के दौरान जिन बातों को लेकर आशंका थी और सवाल थे, उन सभी को सेंसर किया गया था। हालांकि सेंसर की विस्तृत जांच नहीं हो पाई है। पूरी जांच एक सप्ताह तक ट्रायल होने के बाद हो पाएगी।

अब तक जो रिपोर्ट आई है उसके अनुसार ट्रेन के चलने के दौरान झटके नहीं लग रहे हैं। अधिक स्पीड पर ट्रेन निर्बाध गति (झटके और कंपन) के बिना चलती है। कोच हल्के और सिस्टम हाइड्रोलिक होने के कारण इंजन का पावर भी कम इस्तेमाल हो रहा है। पटरी, और पहिए का घिसाव भी कम है। ट्रायल के आखिरी दिन तक ट्रेन में सेंसर लगा रहेगा और उसकी प्रतिदिन की रिपोर्ट का परीक्षण होगा। उसी के आधार पर ट्रेन के ट्रायल में समय समय पर संशोधन होता रहेगा।
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टेल्गो टीम ने देखा पलवल-मथुरा ट्रैक
टेल्गो के इंजीनियरों की टीम कई मोड़ वाले दिल्ली से पलवल और मथुरा ट्रैक का निरीक्षण कर आई है। यहां तक जानकारी कर ली गई है कि कितने किलोमीटर पर कितने घुमाव का मोड़ है और उस मोड़ पर ट्रेन की स्पीड को कम करना होगा या नहीं। हालांकि टीम का तर्क है कि इस तरह के मोड़ पर स्पीड पर कोई असर नहीं पड़ेगा लेकिन ट्रैक बिजी न हो और लाइन क्लियर मिलनी चाहिए।
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