मुरादाबाद। प्रथमा बैंक का पंजाब नेशनल बैंक में विलय होने से बैंकिंग व्यवस्थाएं लड़खड़ा गई हैं। बैंक साफ्टवेयर और खाते अपडेट होने नहीं होने से बेसिक शिक्षा विभाग के चार हजार से अधिक शिक्षकों और कर्मचारियों की तनख्वाह लटक गई है। हजारों पेंशनर भी परेशान हैं। तनख्वाह और पेंशन जारी नहीं होने से कर्मियों को परेशानी से जूझना पड़ रहा है। शिक्षक संघ ने बैंक प्रबंधन ने वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है।
बेसिक शिक्षा परिषद सर्वाधिक कर्मचारी वाला विभाग है। परिषद में साढ़े चार हजार से अधिक नियमित शिक्षक हैं। इसके अलावा हजारों कर्मचारी हैं। अधिकतर शिक्षकों और कर्मचारियों का सैलरी खाता प्रथमा बैंक में था। विभागीय सेवानिवृत्त कर्मियों एवं शिक्षकों की पेंशन भी इसी बैंक में आती थी। कुछ समय पूर्व प्रथमा बैंक का पंजाब नेशनल बैंक में विलय हो गया है। प्रथमा बैंक के विलय के बाद पंजाब नेशनल बैंक में साफ्टवेयर और खाते अपडेट हो रहे हैं। बैंक में कामकाज का दबाव बढ़ गया है। संसाधन और स्टाफ सीमित है।
उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ वरिष्ठ उपाध्यक्ष राहुल शर्मा के मुताबिक शिक्षक और कर्मचारी विगत एक हफ्ते से तनख्वाह के लिए बैंक शाखाओं के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। बैंक प्रबंधन की ओर से साफ्टवेयर अपडेट का हवाला दिया जा रहा है। राहुल शर्मा ने बताया कि बैंक में कामकाज बंद होने से पेंशन भी परेशान हैं। महीना खत्म होने वाला है। बैंक स्तर पर अभी तक तनख्वाह जारी नहीं होने से कर्मचारी उधारी से घर परिवार के खर्चे चला रहे हैं। संघ के महानगर अध्यक्ष राकेश कौशिक ने बैंक प्रबंधक से वैकल्पिक व्यवस्था कर तनख्वाह जारी करने की मांग की है। कौशिक ने कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था नहीं किए जाने पर शिक्षक एवं कर्मचारी अपने खातों को बंद करवाकर अन्य दूसरे बैंक में खुलवाने के लिए विभागीय अधिकारियों से वार्ता करेंगे।