मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने वादों की सुनवाई के बाद कुछ जमीनों के मामलों की जांच करने के लिए डीएम मुरादाबाद को कागजात भेज दिए थे। इन मामलों की प्राथमिक जांच के लिए एडीएम प्रशासन को जिम्मेदारी सौंपी गई। जांच में आया कि लाकड़ी फाजलपुर स्थित 27 डिसमिल जमीन पर एसडीएम स्तर के अधिकारी की शह पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया था। नदी कुंडा में 28 डिसमिल जमीन तत्कालीन अधिकारियों की शह पर कब्जा की गई है।
एडीएम ने एसडीएम को सौंपी जिम्मेदारी
एडीएम प्रशासन ने एसडीएम मुरादाबाद सदर और एसडीएम ठाकुरद्वारा को जांच कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम यह बताएंगे कि किस अधिकारी और कर्मचारी की शह पर जमीन कब्जा की गई। पता चला कि तीन दशक पहले जमीन पर कब्जा कराने वाले अधिकारी और कर्मचारी रिटायर्ड हो गए हैं।
ठाकुरद्वारा में तालाब की भूमि पर कब्जा किया
ठाकुरद्वारा ब्लाॅक के राजपुर कला में 0.324 हेक्टेयर भूमि खसरे में तालाब दर्ज है। मौके पर जमीन को कब्जा कर लिया गया है। छानबीन से पता चला कि 1975 में तत्कालीन अधिकारी ने तालाब को मत्स्य पालन के लिए पट्टे पर दिया था। तीन दशक से एक व्यक्ति तालाब की जमीन पर कब्जा जमाए है।
रेत की भूमि पर कब्जा किया, जमीन का एक हिस्सा बेचा गया
जैतपुर विसाहट गाटा संख्या 616 की 6.60 एकड़ जमीन रेत के रुप में दर्ज है। यह जमीन 1984 मेंं ब्रम्हा के नाम आवंटित की गई थी। इसी प्रकार गाटा संख्या 617 की 0.55 एकड़ भूमि भी रेत के रूप में दर्ज है। नियमानुसार इस प्रकार की भूमि पर कोई कब्जा नहीं किया जा सकता है। इस जमीन को बेचा गया है। इस मामले में एडीएम प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट मंडलायुक्त को भेज दी है।
- जमीन को गलत ढंग से कब्जा कराने और बेचने वाले व्यक्ति या अधिकारी बख्शे नहीं जाएंगे। यदि अधिकारी रिटायर्ड हो गए हैं तो उनके खिलाफ नोटिस भेजकर कार्यवाही की जाएगी। आंजनेय कुमार सिंह, मंडलायुक्त मुरादाबाद