मुरादाबाद। एसडीएम के चालक को उसके दो नाबालिग बेटों, दूसरी पत्नी और साले ने सोते समय डंडे से पीट पीटकर मार डाला था। पुलिस ने इस मामले में पत्नी, साले सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया है। बेटों ने बताया कि पिता ने ही उसकी मां को ग्लूकोज की ड्रिप तेज करके मार डाला था। इसी कारण वे पिता को कातिल मानते थे। दूसरी पत्नी अपने पति की प्रताड़ना से परेशान थी।
प्रीत विहार बैंक कालोनी निवासी एसडीएम के चालक जयदेव सिंह की हत्या के बाद पुलिस ने मौके का मुआयना कर रात से छानबीन शुरू कर दिया। घटनास्थल की स्थिति देखने के बाद पुलिस को पहले ही शक हो गया था कि चालक की हत्या के आरोपी बाहरी नहीं हैं। एसएसपी हेमराज मीणा ने हत्यारोपियों को गिरफ्तार कराने के बाद पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता के दौरान हत्याकांड का खुलासा किया। बताया कि चालक जयदेव सिंह की पहली शादी करीब 18 साल पहले पुष्पा कौर से हुई थी। पत्नी की तबीयत खराब होने के बाद चालक उसका इलाज ठीक ढंग से नहीं कराता था। वह किसी प्रकार पत्नी को अपने रास्ते से हटाना चाहता था। बीमार होने पर पत्नी को घर में ग्लूकोज का ड्रिप चढ़ाया जा रहा था। इस बीच पति ने ड्रिप को तेज कर दिया। बोतल से तेजी के साथ ग्लूकोज गिरने के कारण पुष्पा की हृदयगति रुकने से मौत हो गई।
पत्नी के जीते जी भी चालक ने एक महिला को अपनाने की कोशिश की थी। उस समय पुष्पा ने इसका विरोध किया था। इस घटना के चार माह बाद जयदेव सिंह ने अपने से काफी कम उम्र की युवती दीपा कौर से शादी कर ली। चालक शराब पीकर दूसरी पत्नी और बच्चों को मारता पीटता था। इस बीच दीपा और बड़े बेटे के बीच नजदीकियां बढ़ गई। इसकी जानकारी मिलने पर चालक जयदेव अपने बेटे से गाली गलौज करता था। घर में कलह बढ़ने पर दोनों नाबालिग बेटों और पत्नी ने चालक को मारने की योजना बनाई। घटना से एक दिन पहले चालक अपने बेटे को फोन पर गालियां दी। शक था कि बेटा अपनी सौतेली मां से नाजायज संबंध रहता है। इसके बाद रोज की तरह घर लौटने पर शराब पीकर सो गया। सोते समय पत्नी, दोनों बेटे और साले बिजनौर जिले के जलीलपुर चांदपुर निवासी नीशू ने डंडे से चालक को बुरी तरह पीट दिया। घायल होने के बाद सभी आरोपी अस्पताल लेकर नहीं गए। उसकी बिस्तर पर मौत हो गई।
बेटे को नौकरी मिलने का लालच था : एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि चालक पिता की मौत के बाद बेटे को पिता के स्थान पर नौकरी मिलने की लालच थी। छोटे बेटे को चालक के पैसे मिलने का भरोसा था। इसी लालच में आकर बेटे और पत्नी एक साथ मारने के लिए योजना में शामिल हो गए। पत्नी बेटे के साथ रहना चाहती थी। बहन की प्रताड़ना के चलते साला भी अपने जीजा से खफा रहता था। इस मामले में पुलिस ने नीशू, चालक की पत्नी दीपा कौर और दो अपचारी बालकों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त डंडा बरामद किया गया है। बालकों को अलग से नियमानुसार कोर्ट में पेश किया जाएगा।
खुद शराब बनाता था चालक :
एसएसपी ने बताया कि मकान की तलाशी के दौरान एक कमरे में शराब बनाने की एक बोरा लहन, भांग, गांजा सहित अन्य सामान मिला है। पता चला कि चालक जयदेव खुद अपने घर में शराब बनाता था। वह चरित्र से ठीक नहीं था।
एडीएम सिटी ने चालक को हटाया था :
पहले चालक जयदेव एडीएम सिटी की गाड़ी चलाता था। एडीएम को पता चला कि वह पत्नी को प्रताड़ित करता है। उसका इलाज नहीं कराता है। इसी कारण एडीएम सिटी आलोक वर्मा ने उसे हटा दिया था। चालक के पास करोड़ों की जमीन और मकान मौजूद हैं। लोगों का कहना है कि यह भी रहस्य था कि चालक ने इतनी संपत्ति कैसे जुटाई थी।