मुरादाबाद। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने भोजपुर में दबिश देकर नकली नोट छाप रहे झोलाछाप डॉक्टर और यूट्यूबर को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने गोदाम के ऊपर बने कमरे में सेटअप लगा रखा था। टीम ने मौके से एक लाख बीस हजार रुपये के नकली नोट और नोट छापने में इस्तेमाल कागज, लैपटॉप व अन्य सामान बरामद किया है। आरोपियों ने पूछताछ में कबूला है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में 50 प्रतिशत की कमीशन पर नोट खपा चुके हैं।
एसटीएफ की बरेली यूनिट में तैनात एसआई राशिद अली ने शुक्रवार देर रात भोजपुर थाना क्षेत्र के पीलसाला चौराहा स्थित एक गोदाम में दबिश दी। टीम जीने से ऊपर पहुंची तो दो व्यक्ति यहां नकली नोट छाप रहे थे। टीम ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में एक व्यक्ति ने अपना नाम झोलाछाप डॉक्टर नफीस अहमद निवासी कमालपुर फतेहाबाद थाना कुंदरकी बताया। आरोपी झोलाछाप डॉक्टर है, जबकि दूसरा आरोपी यूट्यूबर मोहम्मद नाजिम भोजपुर के मोहल्ला चौधरियान मदीना मस्जिद निवासी है। दोनों आरोपी आपस में दोस्त हैं। मो. नाजिम के पीपलसाना चौराहा स्थित गोदाम के ऊपर बने कमरे में आरोपी छह माह से नकली नोट छाप रहे थे। आरोपियों ने पूछताछ में कबूला है कि उन्होंने नोट छापने के बाद उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड औ हरियाणा समेत अन्य राज्यों में नाजिम की बहन सहनाज से सप्लाई कराई है। आरोपियों ने निकाय चुनाव में भी नकली नोटों की सप्लाई कर चुके हैं। भोजपुर थाने में डॉ. नफीस, नाजिम और नाजिम की बहन सहनाज के खिलाफ केस दर्ज किया है। शनिवार को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है, पुलिस सहनाज की तलाश कर रही है।
कॉमेडियन उस्मान भारती का भाई है यूट्यूबर, बहन करती थी सप्लाई
एसटीएफ की पूछताछ में मो. नाजिम ने बताया कि वह कॉमेडियन उस्मान भारती का भाई है। उसने भाई के साथ कई वीडियो बनाए हैं। आरोपी ने बताया कि वह डॉक्टर के साथ नोट छापने के बाद अपनी बहन सहनाज के जरिए सप्लाई करते थे। टीम ने सहनाज की तलाश में उसके घर दबिश दी लेकिन वह टीम के पहुंचने से पहले भी भाग निकली। शहनाज बुर्का पहनकर यूपी समेत अन्य राज्यों में नोट पहुंचाने जाती थी।
ये सामान बरामद हुए
20 रुपये के 6000 हजार नकली नोट
03 स्मार्ट मोबाइल फोन
01 लेमीनेशन मशीन
01 प्रिंटर
01 एक प्रिंटर इनविल्ड स्कैनर
दो रिम नोट बनाने का कागज
हरे और सिल्वर रंग के एक-एक रोल, नोटों पर तार बनाने के लिए
लैपटॉप
800 रुपये
आसानी से खप जाते हैं बीस-बीस के नकली नोट
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने पहले पांच सौ रुपये और सौ रुपये के नोट छापे थे, लेकिन वह मार्केट में नहीं चल पाए। इसके बाद उन्होंने बीस बीस रुपये के नकली नोट छापे। बीस रुपये के नोट मार्केट में आसानी से चलने लगे। इसके बाद उन्होंने फिर बीस बीस के नोट ही छापने शुरू कर दिए थे।
झोलाछाप पहले भी जा चुका है जेल, यूट्यूब पर सीखा नोट छापना
एसटीएफ के दरोगा राशिद अली ने बताया कि आरोपी डॉ. नफीस अहमद पहले भी नकली नोटों की सप्लाई करने में जेल जा चुका है। तब आरोपी पश्चिम बंगाल के मालदा से नकली नोट लेकर आता था और यहां सप्लाई करता था। जेल से छूटने के बाद उसने अपने साथी मो. नाजिम से संपर्क किया। इसके बाद दोनों ने पहले पश्चिम बंगाल के लोगों से संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन डॉक्टर समझ गया था कि वह मालदा के लोगों से संपर्क करता है तो पुलिस और एसटीएफ उसे ट्रेस लेती है। इसके बाद उसने मालदा के लोगों से संपर्क करना बंद कर दिया। इसके बाद उसने नाजिम के साथ मिलकर यूट्यूब पर नोट छापने का तरीका सीखा। इसके बाद दोनों ने भोजपुर में सेटअप लगाया और नोट छापने लगे।