मंडी धनौरा। विकास खंड की एक पंचायत की मतगणना में धांधली की याचिका पर सुनवाई के दौरान हंगामा हो गया। आरोप है कि प्रधान ने प्रतिवादी के अधिवक्ता के साथ कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने ही हाथापाई शुरू कर दी। मौके पर मौजूद अन्य वकीलों ने किसी तरह स्थिति नियंत्रित की।
हंगामे की स्थिति होने पर एसडीएम ने पुलिस बुला ली। मौके का लाभ उठाकर प्रधान वहां से निकलने में कामयाब हो गया। प्रतिवादी की ओर से एसडीएम को तहरीर दी गई है। हालांकि पुलिस ने तहरीर मिलने से इंकार किया है।
दो साल पहले हुए पंचायत चुनाव में एक ग्राम पंचायत में हार-जीत का फैसला मात्र तीन मतों से हुआ था। पराजित प्रत्याशी ने मतगणना में धांधली का आरोप लगाते हुए एसडीएम कोर्ट में याचिका दायर की थी। बृहस्पतिवार को एसडीएम न्यायिक की अदालत में इस याचिका पर सुनवाई होनी थी। अदालत ने प्रधान के अधिवक्ता का नाम पुकारा। बताया जाता है कि वह उस समय कोर्ट में मौजूद नहीं थे। इस पर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कुछ टिप्पणी की तो प्रधान ने उत्तेजित होकर उनके खिलाफ अभद्र टिप्पणी कर दी। विरोध करने पर उनके साथ हाथापाई का प्रयास किया।
प्रतिवादी के कृत्य से कोर्ट में ही एसडीएम के सामने हंगामा शुरू हो गया। एसडीएम ने कोर्ट स्थगित कर पुलिस बुला ली। हंगामे का लाभ उठाकर प्रधान वहां से निकलने में कामयाब हो गया। तहसील पहुंची पुलिस ने घटना की जानकारी की। याचिकाकर्ता ने बताया कि उसकी ओर से एसडीएम को प्रतिवादी द्वारा उसे व उसके अधिवक्ता को जान से मारने की धमकी देने की तहरीर दी गई है। याचिकाकर्ता का कहना था कि बृहस्पतिवार को प्रतिवादी प्रधान को साक्ष्य रखने का अंतिम अवसर दिया गया था।
दूसरी ओर थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि एसडीएम की सूचना पर पुलिस तहसील गई थी। प्रतिवादी मौके पर नहीं मिला है। इस संबंध में अभी कोई तहरीर उनको नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।