मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण काल में 326 दिन बाद जिले के 1.16 लाख बच्चों के लिए आज (बुधवार) कक्षा एक से आठ तक के स्कूल खुलेंगे। एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) के मुताबिक पहले दिन सिर्फ आठवीं की कक्षाएं चलेंगी। कल (गुुरुवार) कक्षा छह के बच्चे स्कूल आएंगे। जिलों के स्कूलों में तैयारी पूरी है। बच्चों की उपस्थिति से स्कूलों की रौनक लौटेगी।
कोविड-19 को देखते हुए 14 मार्च 2020 से प्रदेश के सभी स्कूल कालेज बंद कर दिए गए थे। हालात सुधरने पर पहले पीजी कालेज खोले गए। इसके बाद शासन ने कक्षा नौ से बारह तक स्कूल भी खोलने की अनुमति दे दी। अब बुधवार से फरवरी से कक्षा छह से आठवीं तक के स्कूल खुल जाएंगे। इससे जिले के 1,16,365 बच्चों की ऑफ लाइन पढ़ाई शुरू हो जाएगी। एसओपी के मुताबिक अलग-अलग दिन अलग-अलग कक्षाएं संचालित होंगी। पहले दिन बुधवार को सिर्फ कक्षा आठ में पढ़ने वाले ही बच्चे स्कूल पहुंचेंगे। दूसरे दिन कक्षा छह के बच्चों की पढ़ाई होगी। विभागीय अधिकारियों और स्कूल प्रबंधन का दावा है कि तैयारी पूरी है। एसओपी के निर्देशों के तहत स्कूल खोले जाएंगे। बच्चों के स्कूल नहीं आने से सूने पड़े स्कूलों में फिर से रौनक लौटने की उम्मीद है।
- स्कूल खोलने की तैयारी पूरी कर ली गई है। सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कोविड प्रोटोकाल का पालन किया जाए। एसओपी के मुताबिक कक्षाओं का संचालन कराया जाएगा।
- योगेंद्र कुमार, बीएसए
एक नजर जिले के आंकड़ों पर
- 534 सरकारी जूनियर हाईस्कूल
- 1411 निजी जूनियर हाईस्कूल
- 354 कक्षा एक से बारहवीं तक के स्कूल
- 116365 कुल बच्चों की संख्या है जूनियर हाईस्कूल में
- 40111 बच्चे सरकारी जूनियर हाईस्कूल में
- 76254 बच्चे निजी जूनियर हाईस्कूल में
किस दिन कौन सी क्लास चलेगी
- सोमवार और गुरुवार को कक्षा छह
- मंगलवार और शुक्रवार को कक्षा सात
- बुधवार और शनिवार को कक्षा आठ
सहमति पत्र देने वाले अभिभावकों की संख्या कम
मुरादाबाद। दस फरवरी से बच्चों को स्कूल भेजने से पहले अभिभावकों को अपनी सहमति देनी होगी। इसके लिए अभिभावकों को स्कूल प्रशासन को सहमति पत्र देना होगा। मंगलवार तक सहमति पत्र देने वालों की संख्या बहुत कम ही रही। वहीं अभिभावकों ने स्कूलों से सहमति पत्र की प्रति ली है। परिवार में चर्चा करने के बाद सहमति पत्र स्कूल में जमा करेंगे।
अभिभावक रखें ध्यान, बच्चों को समझाकर भेजें
लंबे समय बाद स्कूलों को एहतियातों का पालन करते हुए खोला जा रहा है। कोरोना से 11 महीने से लड़ते हुए यूं तो अब हम सभी को सुरक्षा का ख्याल रखने की आदत हो चुकी है। लेकिन बच्चों को अभी यह आदत नहीं है। ऐसे में उन्हें घर से समझाकर भेजना होगा कि कोरोना के खतरे को कम करने न देखें और स्कूल में अपना ख्याल रखें। घर में के बाहर बच्चों ने लापरवाही की तो सुरक्षा की चेन दोबारा टूट सकती है। इसलिए अभिभावक उन्हें समझाकर भेजें कि स्कूल में पूरे समय मास्क लगाकर रखें, सैनिटाइजर का थोड़े-थोड़े समय में प्रयोग करते रहें। अपने दोस्तों से खाना और पानी शेयर न करें। स्कूलो की ओर से बताए गए निर्देशों के साथ ही निर्धारित दूरी के नियम का भी पालन करें।