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स्कूल बसों के पहिये जाम, बच्चों संग अभिभावक परेशान

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मुरादाबाद के स्कूल वाहनों की हड़ताल के दौरान बच्चों को स्कूल से ले जाते पन।
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मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश मोटर यान नियमावली (26वां संशोधन) के विरोध में बुधवार को निजी स्कूलों के बस आपरेटर हड़ताल पर रहे। अधिकतर स्कूलों में बसों का संचालन पूरी तरह ठप रहा। बसें खड़ी होने से बच्चों के साथ अभिभावकों को जूझना पड़ा। कई अभिभावकों ने आटो एवं अन्य वैकल्पिक व्यवस्था कर बच्चों को स्कूल भेजा तो अधिकतर अभिभावक खुद ही बच्चों को छोड़ने स्कूल पहुंचे। स्कूलों की छुट्टी के वक्त अभिभावकों के बच्चों को लेने पहुंचने से जाम की स्थिति रही। स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति भी सामान्य दिनों की तुलना में कम रही। गुरुवार को भी स्कूल बसों का संचालन बंद रहेगा।
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नियमावली के विरोध में मुरादाबाद स्कूल बस ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और ऑल इंडिया इंडिपेंडेंट स्कूल फेडरेशन ने 28 और 29 अगस्त को स्कूली वाहनों का संचालन बंद रखने की घोषणा की थी। स्कूलों ने इसकी सूचना अभिभावकों को मंगलवार को ही जारी की। वाहनों का संचालन बंद होने से अभिभावकों ने बुधवार सुबह बच्चों को लेकर स्कूल तक छोड़ा। अधिकतर अभिभावक निजी वाहनों से स्कूल छोड़ने पहुंचे। जबकि कई अभिभावकों ने आटो एवं ई रिक्शा की व्यवस्था कर बच्चों को स्कूल और वापस घर छुड़वाया। स्कूलों की छुट्टी के वक्त दोपहर करीब एक बजे स्कूलों के बाहर जाम की स्थिति रही। कामकाजी अभिभावक बच्चों को लेने जैसे तैसे स्कूल पहुंचे। दोपहरी गर्मी में जाम लगने से बच्चों और अभिभावकों को परेशानी झेलनी पड़ी।
ऑल इंडिया इंडिपेंडेंट स्कूल फेडरेशन अध्यक्ष गिरीश बंसल और शीरीन संतराम ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा स्कूलों का दायित्व है। नियमावली का डर दिखाकर स्कूल का आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न बर्दास्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नियमावली के मानकों को पूरा करना संभव नहीं है। यदि मानकों को पूरा किया जाए तो परिवहन शुल्क कई गुना महंगा होगा। इसकी सीधा बोझ अभिभावकों की जेब पर पड़ेगा।
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- स्कूल बसों की पूर्णतया हड़ताल रही। बच्चों को स्कूल पहुंचने में परेशानी जरूर हुई, लेकिन स्कूल प्रबंधकों के पास अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए हड़ताल के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था। गुरुवार को भी स्कूल बसों की हड़ताल रहेगी। - शीरीन संतराम, अध्यक्ष पब्लिक स्कूल एसोसिएशन
- स्कूल बस ट्रांसपोर्ट यूनियन की मुरादाबाद शहर के 70 निजी स्कूलों में दो सौ से अधिक बसें संचालित होती हैं। बुधवार को बसों का संचालन नहीं हुआ। अभिभावकों को पहले से ही स्कूलों ने बस हड़ताल की सूचना जारी कर दी थी। अभिभावकों ने अपने स्तर से वैकल्पिक व्यवस्था कर बच्चों को स्कूल छोड़ा। - बलवीर सिंह, अध्यक्ष मुरादाबाद स्कूल बस ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन
- बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से स्कूल बसों में शासन से निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। बसों का संचालन बंद करने पर स्कूल प्रबंधकों को चेतावनी दी गई थी। बुधवार को किसी भी अभिभावक की ओर से बसों का संचालन बंद किए जाने की कोई शिकायत नहीं आई है। - प्रदीप कुमार द्विवेदी, जिला विद्यालय निरीक्षक
नियमावली के निर्धारित मानक
- बसों में सीसी टीवी, सभी सीटों पर सीट बेल्ट, जीपीएस उपकरण, स्पीड गवर्नर, पांच साल का अनुभवी ड्राइवर, बस में वर्दी में एक पुरुष एवं एक महिला सहायक की तैनाती नेम प्लेट और आई कार्ड के साथ अनिवार्य की गई है। बसों का परमिट 15 साल से घटाकर 10 साल कर दिया है।
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