बच्चों को स्कूल लेकर जा रही एक बस नहर में पलट गई। हादसे में दस बच्चे घायल हो गए। स्कूल के प्रबंधक ने घायल बच्चों को बरेली के अस्पताल में ले गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने चालक को हिरासत में ले लिया है।
खजुरिया थाना क्षेत्र के सीमांत जिला बरेली के थाना शीशगढ़ के कस्बा मानपुर स्थित स्वामी सोमनाथ इंटर कालेज की ब्रांच एनडी एकेडमी स्कूल की बस बुधवार की सुबह करीब पौने आठ बजे बच्चों को लेकर खजुरिया थाना क्षेत्र से स्कूल को लेकर जा रही थी। बस को खजुरिया थाना क्षेत्र के ग्राम पनवड़िया निवासी सुरेश चला रहा था।
सुरेश के मुताबिक, वह बस को लेकर बरेली जिले के गांव मोहम्मदपुर से लेकर स्कूल को जा रहा था। नरसुआ गांव के पास अख्तर अली के गन्ने के क्रेशर के समीप अचानक स्टेयरिंग फेल हो गया और बस अनियंत्रित होकर रोड किनारे की सूखी नहर में घुस कर पलट गई। बस के पलटने से बच्चों में हाहाकार मच गया।
बच्चों की चीख पुकार सुनकर ग्राम नरसुआ और रसूलपुर के तमाम लोग भागकर मौके पर पहुंचे और आनन फानन में ग्रामीणों ने बच्चों को बस से बाहर निकाला। चालक ने तत्काल घटना की सूचना स्कूल प्रबंधक धर्म सिंह को फोन पर दी। प्रबधंक भी तत्काल मौके पर पहुंचे और घायल बच्चों उपांशु अभय , भूमि, तबरेज, अंकुश, सुभान, अनमत्ता, खदीजा को मानपुर के अस्पताल ले गए। जहां सभी बच्चों का उपचार कराया।
खजुरिया पुलिस चालक को पकड़कर थाने ले गई। पुलिस का कहना है कि वह मामले की जांच कर रहे हैं और तहरीर आने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने तुरंत बच्चों का बस में से निकाल कर भेज दिया था। स्कूल प्रबंधक का कहना है कि स्टेयरिंग फेल होने से घटना हुई है और चालक ने काफी सूझबूझ का परिचय दिया है।
जिसने घटना सुनीं मदद को मौके पर दौड़ा
बिलासपुर। खजुरिया थाना क्षेत्र में बुधवार की सुबह करीब पौने आठ बजे मानपुर के एनडी एकेडमी स्कूल की बस जब नगर में पलटी तो बच्चों की चीख पुकार सुनकर नरसुआ और रसूलपुर के लोग खासकर खेतों में काम रहे लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे और बच्चों को बस में से सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला। लोगों का कहना था पड़ोसी क्रेसर स्वामी अख्तर अली व उनके बच्चों ने स्कूली छात्र छात्राओं को बस में से बाहर निकालने में काफी मदद की।
अगर नहर में होता पानी तो घटना होती गंभीर
स्कूल की बस पलटने की जगह पर मौजूद रसूलपुर और नरसुआ के लोगों का कहना था कि अगर नहर में पानी होता तो आज न जाने कितने मासूमों की जान चली जाती। वहीं लोगों का यह भी कहना था कि अगर नहर की चौड़ाई ज्यादा होती तो बस दूसरा पलटा भी ले सकती थी और घटना बेहद गंभीर हो जाती। सभी ने बच्चों को सुरक्षित पाकर भगवान का शुक्रिया अदा किया।