भारत सरकार की ओर से नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल के माध्यम से अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं के लिए संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में मंडल में बड़े पैमाने पर घोटाला सामने आया है। मंडल के मुरादाबाद, अमरोहा और संभल जिले में करीब 7000 फर्जी बैंक खाते खोलकर छात्रवृत्ति के 10 करोड़ रुपये से ज्यादा हड़पे गए हैं।
पुलिस की विवेचना में उजागर हुआ है कि छात्रवृत्ति की रकम हड़पने के लिए गैंग ने जिन शिक्षण संस्थाओं और बच्चों के नाम का इस्तेमाल किया, वह सभी फर्जी थे। गैंग में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अफसरों की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस ने अमरोहा के एक पूर्व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को रविवार को गिरफ्तार कर लिया है।
सरकार ने छात्रवृत्ति में घोटाला रोकने के लिए रकम सीधा बच्चों के बैंक खातों में ट्रांसफर करना शुरू किया लेकिन घोटालेबाजों ने उसका भी तोड़ ढूंढ निकाला। मामला तब खुला जब अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय की ओर से वजीफे के लिए छात्रों की सूची अग्रसारित करने वाली कुछ संस्थाओं पर संदेह जताते हुए इनकी जांच कराई गई।
जांच में पता चला कि मुरादाबाद की तीन, अमरोहा की पांच और संभल की 12 शिक्षण संस्थाएं फर्जी हैं। वजीफा हड़पने के लिए ये सिर्फ कागजों में चल रही हैं। निदेशालय की इस जांच के आधार पर अमरोहा में कोतवाली नगर, डिडौली और धनौरा में अमरोहा के तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी हेमराज सिंह की ओर से तीन मुकदमे दर्ज कराए गए। इसी तरह संभल में भी हयातनगर थाने में दो और नखासा थाने में एक मुकदमा दर्ज कराया गया। लेकिन मुरादाबाद जिले में इस बाबत कोई एफआईआर ही दर्ज नहीं कराई गई।
अमरोहा में दर्ज कराए गए मुकदमों में जितेंद्र सिंह प्रबंधक कौशल कला केंद्र मंडी धनौरा, गिरीश चंद्र आर्य प्रबंधक राजहंस संगीत कला केंद्र धनौरा, शुभम सक्सेना प्रबंधक संगीत विद्यालय अहमद नगर अमरोहा और राकेश कुमार प्रबंधक जागृति संगीत विद्यालय बंगला अमरोहा को नामजद किया गया था।