कुंदरकी। रामगंगा नदी में डूबकर जान गंवाने वाला समीर उर्फ शमी अपनी तीन बहनों नाजिया, साजिया और सना का इकलौता भाई था, जिसकी आकस्मिक मौत की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर कर रखा दिया है। शव पर मां निशाद के साथ तीनों बहनें और सगे संबंधियों का रोते बिलखते हाल बेहाल था, जिनको रिश्तेदार और परिचित दिलासा देते नजर आए। समीर दिल्ली में रहकर काम कर रहा था और वह अपने परिवार की गुजर बसर का सहारा था।
केरल से भाई की मंगनी में शामिल होने आया था सुऐब
कुंदरकी। रामगंगा नदी में जान गंवाने वाला सुऐब अपने छह भाइयों में तीसरे नंबर का था। वह केरल में सैलून का काम करता था। जानकारी के मुताबिक मंगलवार को उसके बड़े भाई इमरान की मंगनी का कार्यक्रम भी हुआ था, जिसके चलते परिवार में खुशी का माहौल था लेकिन आकस्मिक हादसे से परिवार में खुशियों को ग्रहण लग गया है। सुऐब के शव पर उसकी मां शबाना, भाई इमरान, सलमान, आयान, दानिश आमिर का रोते बिलखते रहे।
जहां पर डूबे वहां थी 15-20 फिट पानी की गहराई
कुंदरकी। रामगंगा नदी में जहां दोनों दोस्त डूबे वहां पर 15 से 20 फिट तक पानी की गहराई थी लेकिन डूबने के दौरान उनको तत्काल ही मदद नहीं मिल सकी। ग्राम प्रधान मोहम्मद उवैश ने बताया कि अगर तत्काल ही युवकों को बचाने के लिए आसपास के लोग पहुंच जाते तो उनकी जान बच सकती थी। जैसे ही सूचना मिली तो मैं तत्काल ही कुछ साथियों की मदद से नदी में उतर गया था लेकिन जब तक दोनों ही युवक दम तोड़ चुके थे।