रामपुर। जमीन के विवाद में दूध विक्रेता को दूसरे पक्ष ने रास्ते में घेर कर लाठी-डंडोें से हमला कर दिया। बचाने पहुंचे परिजनों को भी हमलावरों ने पीट दिया। हमले में दूध विक्रेता की मौत हो गई जबकि उसकी मां, पत्नी समेत सात लोग घायल हो गए। पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर लौट रहे परिजन गांधी समाधि के पास सड़क पर लेट गए और हत्यारोपी का घर बुलडोजर से गिराए जाने की मांग पर अड़ गए। पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ हत्या और बलवे की धाराओं में केस दर्ज किया है।
पुलिस के मुताबिक शहजादनगर थाना क्षेत्र के हरजीपुर गांव में रमेश (37) ने गांव के ही कृष्णपाल से करीब दस साल पहले ढाई सौ गज भूमि खरीदी थी। भूमि पर रमेश को कब्जा नहीं दिया गया था। आरोप है कि भूमि खरीदने के बाद से ही कृष्णपाल का भाई पूरन सिंह कृष्णपाल से रंजिश मानने लगा। पूरन सिंह ने भूमि पर कब्जा नहीं देने की बात कहते हुए कई बार रमेश से विवाद किया। मंगलवार की सुबह साढे़ आठ बजे रमेश दूध लेकर घर आ रहे थे। रास्ते में पूरन सिंह ने सात-आठ साथियों के साथ मिलकर रमेश को रोक लिया और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। रमेश की चीख पुकार सुनकर उनके परिजन भी दौड़कर बीच बचाव कराने पहुंचे। हमलावरों ने उन्हें भी पीट दिया। हमलावरों के पास अवैध तमंचे होने का भी आरोप लगाया है। हालांकि फायरिंग नहीं की गई। गंभीर रूप से घायल हुए रमेश की मौत हो गई जबकि उनकी मां सुशीला, पत्नी विमला देवी के साथ ही राजेश, सोमपाल, सुरजन सिंह, रामबहादुर और मनीषा घायल हो गए।