संभल। संभल जिले के नखासा थाना क्षेत्र स्थित एक कस्बे की किशोरी को दुष्कर्म के बाद जिंदा जला दिया गया था। किशोरी नौ दिन से जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही थी। लेकिन किशोरी ने शनिवार की सुबह आठ बजे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव संभल लाया जाएगा।
संभल जिले के नखासा थाना क्षेत्र स्थित कस्बे में 21 नवंबर की रात अपने घर में मौजूद किशोरी के साथ पड़ोसी युवक ने बलात्कार किया जब किशोरी ने विरोध किया और परिजनों से कहने की बात कही तो आरोपी युवक को गुस्सा आ गया। उनसे पीड़िता के घर में रखी केरोसिन की पांच लीटर की केन को उठाया और उसे किशोरी पर उड़ेल दिया। इसके बाद आग लगा दी। किशोरी को जिंदा जलाया जा रहा था तभी किशोरी की मां घर पहुंच गई।
उसने डंडा उठाकर पड़ोसी को पीटा और पुलिस को खबर दी। जब तक पुलिस पहुंची तब तक किशोरी सत्तर प्रतिशत से ज्यादा झुलसी चुकी थी। उसे जिला अस्पताल लाया गया। लेकिन किशोरी की गंभीर हालत देखते हुए उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां किशोरी का नौ दिन तक उपचार चला। उसने जीवन के लिए संघर्ष किया लेकिन शनिवार की सुबह दम तोड़ दिया।
पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने बताया कि किशोरी का शरीर 70 प्रतिशत से ज्यादा झुलस गया था। उसकी शनिवार को नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। अब यह मुकदमा हत्या की धाराओं में तरमीम होगा। वहीं किशोरी के परिजनों को रानी लक्ष्मी बाई योजना आर्थिक मदद भी दिलाई जाएगी। आरोपी के खिलाफ दर्ज अपराध को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाए जाने की पैरवी की गई है। घटना के लिए नामजद एकमात्र आरोपी जीशान गिरफ्तार हो गया है।
जैसे मैं तड़प रहीं हूं वैसे ही अपराधी तड़पना चाहिए
पीड़िता के घर में मातम छाया है। आसपास के लोग सांत्वना देने पहुंचे रहे हैं। पीड़िता की मां के आंसू नहीं नहीं थम रहे हैं। पीड़िता की मां ने अमर उजाला से बातचीत करते हुए कहा कि वह चाहती हैं कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिले। जिस तरह से बेटी की मौत पर वह तड़प रहीं हैं उसी तरह से अपराधी भी तड़पना चाहिए। अपराधी को अदालत इतनी सजा दे कि वह पूरी उम्र जेल से बाहर न निकल सके।