450 की फोटो से तलाश की जा रही
24 नवंबर 2024 को बवाल तीन स्थानों पर हुआ था। पहला बवाल जामा मस्जिद के नजदीक हुआ था। जहां पांच लोगों की जान गई थी। दूसरा बवाल नखासा तिराहे पर हुआ था। जहां पुलिस पर पथराव और फायरिंग की थी। इसके बाद हिंदूपुरा खेड़ा में बवाल हुआ था। पुलिस के अधिकारियों पर जानलेवा हमला किया गया था।
इन तीनों ही स्थानों पर पुलिस-प्रशासन की ओर से वीडियो बनाया गया था और फोटो भी लिए थे। एसपी ने बताया कि वीडियो और फोटो के आधार पर 450 चेहरे सामने आए हैं। उन चेहरों की तलाश में पुलिस की टीमें काम कर रही हैं।
24 उपद्रवियों के गैरजमानती वारंट जारी
जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए उपद्रव में शामिल उपद्रवियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ने लगी है। नखासा थाना क्षेत्र के 24 उपद्रवियों के खिलाफ पुलिस गैरजमानती वारंट न्यायालय से जारी कराए हैं। अब कोतवाली क्षेत्र के उपद्रवियों के खिलाफ भी वारंट जारी कराने की प्रक्रिया जारी है।
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि 87 उपद्रवी वांछित चल रहे हैं। टीमें तलाश में लगी हैं लेकिन यह उपद्रवी गिरफ्तार नहीं हो सके हैं। इसलिए न्यायालय से गैरजमानती वारंट जारी कराए गए हैं। जो वारंट उपद्रवियों के जारी हुए हैं यह नखासा थाना क्षेत्र के हैं। संभल कोतवाली के जो उपद्रवी वांछित हैं उनके खिलाफ भी गैरजमानती वारंट जारी कराने के लिए प्रक्रिया चल रही है।
एसपी ने बताया कि 450 चेहरे फोटो के माध्यम से पहचान करने में टीमें जुटी हैं। जो सीसीटीवी फुटेज या अन्य किसी वीडियो या फोटो के माध्यम से उपद्रव करते हुए कैद हुए हैं। एसपी ने बताया कि उपद्रवियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। एसआईटी लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है।
मालूम हो 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान बवाल शुरू हुआ था। जामा मस्जिद के नजदीक आगजनी, फायरिंग और पत्थरबाजी की गई थी। इसमें पांच आम लोग मारे गए थे। 29 पुलिसकर्मी जख्मी हुए थे। हिंदूपुरा खेड़ा में एसपी और डीएम पर जानलेवा हमला किया गया था।
एसपी का कहना है कि जो बवाल में शामिल था उसको जेल भेजा जाएगा। जो बवाल में शामिल नहीं था उसको परेशान होने की जरूरत नहीं है।