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संभल हिंसा: कांग्रेस नेताओं ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात, प्रियंका गांधी से कराई बात, राहुल का दाैरा जल्द

Tue, 03 Dec 2024 03:09 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

संभल हिंसा के पीड़ितों से कांग्रेस नेताओं ने मुलाकात की। बताया जा रहा है कि उन्होंने प्रियंका गांधी से भी उनकी बात कराई। 24 नवंबर को हुए बवाल में पांच लोगों की मौत और कई घायल हुए थे।
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संभल में पीड़ित परिवार से मुलाकात करते कांग्रेस नेता - फोटो : कांग्रेस
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विस्तार
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संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए बवाल के बाद पीड़ित परिवारों से मिलने का सिलसिला जारी है। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष रिजवान कुरैशी और प्रदेश महासचिव सचिन चौधरी ने सोमवार को हिंसा प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका दर्द साझा किया और उनकी समस्याओं को सुना।

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बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेताओं ने पीड़ितों की प्रियंका गांधी से फोन पर बात भी कराई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार की नाकामी के चलते ऐसी घटनाएं हो रही हैं। संभल में 24 नवंबर की सुबह जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा भड़क उठी थी।

पथराव और फायरिंग में पांच लोगों की मौत और 20 से अधिक लोग घायल हुए थे। इसमें कई पुलिसकर्मी भी शामिल थे। घटना के बाद चार दिनों तक बाजार बंद रहे और इलाके में तनाव का माहौल बना रहा। बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी जल्द संभल का दौरा करेंगे।
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हिंसा के बाद संभल में प्रशासन ने हालात सामान्य करने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है। पुलिस उपद्रवियों की पहचान में जुटी है। अभी तक 300 से अधिक लोगों के पोस्टर जारी किए जा चुके हैं।

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प्रशासन ने संभल को जलाने का काम किया : ताैकीर

इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) प्रमुख माैलाना ताैकीर रजा ने प्रशासन पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। कहा कि मुसलमानों ने कोई पथराव नहीं किया। प्रशासन ने संभल को जलाने का काम किया। संभल के जरिये पूरे मुल्क का माहौल बिगाड़ने की साजिश रची गई थी।

यह बातें उन्होंने सोमवार को मुरादाबाद में कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष रिजवान कुरैशी के कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत में कही। कहा कि प्रशासन ने घायलों से मिलने पर पाबंदी लगा रखी है। समझ में नहीं आता कि जिला प्रशासन क्या चाहता है। इतनी लंबी पाबंदी क्यों लगाई है।

जिनकी जिम्मेदारी कानून व्यवस्था पालन कराने की है, उन्होंने ने ही संभल यह हालात पैदा किया है। सबसे प्रमुख बात है कि जांच कमेटी इस स्थिति में कैसे ईमानदारी से जांच करेगी। प्रशासन तो वही है। सारे अधिकारियों को हटाकर ही जांच होनी चाहिए।

नया प्रशासन जब तक नहीं आएगा, तब तक ईमानदारी से जांच नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि सपा सांसदों को बाॅर्डर पर जाकर बैठना चाहिए था। सवाल पूछना चाहिए था कि इतनी लंबी पाबंदी लगाने की क्या जरूरत थी। ऐसा क्या गुनाह किया है कि छिपाने के लिए लंबे समय की जरूरत है।

आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन ने संभल को जलाने का काम किया। संभल के लोग मुबारकबाद के हकदार हैं। वहां हिंदू और मुसलमानों ने संयम से काम लिया। माहौल खराब नहीं होने दिया। संभल के जरिये पूरे मुल्क का माहौल बिगाड़ने की साजिश रची गई थी।

कहा कि सच्चाई है कि संभल में पांच नहीं, सात लोग मरे हैं लेकिन दो लोगों का पोस्टमार्टम नहीं होने दिया गया। प्रशासन ने सारा अपराध किया है। किसी को अंदर जाने नहीं दिया। प्रशासन किसी को भी हिंसा भड़काने का आरोपी बना सकता है। घटना के दिन सांसद वहां नहीं थे।

लोगों को सीने और सिर पर गोली मारी गई हैं। इस जंगलराज के खिलाफ तमाम पार्टियों को एकजुट होना चाहिए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट बताती है कि देसी तमंचे से मारा गया है। पुलिस प्रशासन सरासर झूठ बोल रहा है। मुसलमानों ने कोई पथराव नहीं किया। प्रशासन के लोग हिंदूवादी संगठन को साथ लेकर गए थे। सर्वे के पहले दिन मुसलमानों ने कोई पथराव नहीं किया। आज तक मुसलमानों ने कानून हाथ में लेने की कोशिश नहीं की है।

घायल से मिलने टीएमयू पहुंचे माैलाना ताैकीर को पुलिस ने रोका

इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) प्रमुख माैलाना ताैकीर रजा सोमवार को टीएमयू पहुंचे। जहां उन्हें अस्पताल में भर्ती संभल बवाल में घायल वसीम से मिलना था। लेकिन पुलिस ने उन्हें मुलाकात करने से रोक दिया। इसके बाद वह घायल की बहन आजिया से मिलकर पीड़ित का हाल चाल जाना। मौलाना तौकीर ने मदद का आश्वासन दिया।

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