इसके अलावा गिरोह के अन्य सदस्यों को भी दिए गए थे। उन्हीं अवैध हथियार से बवाल में गोली चलाई थी। जिसमें नईम, अयान, बिलाल, कैफ की गोली लगने से मौत हुई थी। मृतकों के परिजनों ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसपी ने बताया कि उन हत्याओं की चार्जशीट तैयार हो रही है। जिसमें बीएनएसएस की धारा 48 के तहत शारिक साटा भी आरोपी बन गया है।
अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन व अन्य की हत्या कर कर्फ्यू लगवाना चाहता था गिरोह
एसपी ने बताया कि शारिक साटा के तीन गुर्गे जेल गए हैं। तीनों ही गुर्गों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि शारिक साटा चाहता था कि अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन और उनके साथियों की हत्या कर दी जाए। जिससे जामा मस्जिद का सर्वे रुक जाए और शहर में लंबे समय के लिए कर्फ्यू लग जाए। इसके बाद उसका गिरोह अवैध धंधे आराम से कर सके।
क्या है धारा 48
बीएनएस धारा 48 के अनुसार, भारत से बाहर रहने वाले किसी व्यक्ति को भारत में अपराध को बढ़ावा देने का दोषी पाया जा सकता है। यदि वह भारत में किसी ऐसे कार्य को करने में सहायता करता है या उकसाता है, जिसे यहां किए जाने पर अपराध माना जाएगा। वह धारा 48 के तहत आरोपी होगा और जितना अपराध भारत में किया गया है उतना ही अपराध विदेश में बैठे आरोपी का माना जाएगा।
बवाल के मुख्य साजिशकर्ताओं में भी शामिल है शारिक साटा
एसपी ने बताया कि शारिक साटा बवाल के मुख्य साजिशकर्ताओं में भी शामिल है। उसके अलावा बवाल की साजिश में कौन-कौन लोग शामिल थे। इसकी जांच चल रही है। उसमें भी कई अहम सबूत पुलिस को मिल चुके हैं। कुछ सबूत एकत्र किए जा रहे हैं। उसके बाद बवाल की पूरी साजिश का खुलासा किया जाएगा। शारिक साटा ने दुबई में बैठकर अपने गिरोह के सदस्यों से बवाल कराया।
शारिक साटा बीएनएसएस की धारा 48 के तहत आरोपी बनाया गया है। चार हत्याओं की चार्जशीट में उसका नाम शामिल किया है। बवाल की साजिश में उसकी भूमिका स्पष्ट हो गई है लेकिन उसके अलावा इस साजिश में कौन-कौन लोग शामिल थे। उसकी जांच चल रही है। बवाल की पूरी साजिश का भी खुलासा जल्द किया जाएगा।
- कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी, संभल
संबंधित वीडियो-