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संभल हिंसा केस: मजहबी नारे लगे, हजारों की भीड़ ने किया पथराव, अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने दी गवाही

Thu, 15 Oct 2026 06:57 PM IST
Vimal Sharma संवाद न्यूज एजेंसी, चंदाैसी

सार

संभल जामा मस्जिद सर्वे हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने अदालत में गवाही दी। उन्होंने बताया कि 24 नवंबर 2024 को दोबारा सर्वे के दौरान धार्मिक नारे लगाए गए और हजारों की भीड़ ने पथराव किया। अब बचाव पक्ष साक्ष्य पेश करेगा। अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी।
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चंदाैसी कोर्ट - फोटो : संवाद
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विस्तार
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संभल की शाही जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर के मामले में सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मुकदमे में बृहस्पतिवार को अपर जिला न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) रागिनी के न्यायालय में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन की गवाही हुई। अब अभियुक्त पक्ष की ओर से सफाई साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे।

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न्यायालय ने अगली तारीख 29 अक्तूबर नियत कर दी है। इस दौरान न्यायालय परिसर में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस फोर्स तैनात रही। बता दें कि संभल में 19 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद के हरिहर मंदिर होने के दावे को लेकर केला देवी मंदिर के महंत ऋषिराज गिरी, अधिवक्ता हरिशंकर जैन समेत आठ लोगों ने सिविल जज सीनियर डिवीजन जनपद संभल स्थित चंदौसी आदित्य सिंह के न्यायालय में वाद दायर किया था।

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24 नवंबर 2024 की सुबह मस्जिद के दोबारा सर्वे के दौरान हिंसा हो गई थी। जिसमें चार लोगों की हत्या हो गई थी। इस मामले में तत्कालीन कोतवाल अनुज कुमार तोमर की ओर से संभल कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) रागिनी के न्यायालय में चल रही है।

एडीजीसी शालिनी ने बताया कि अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन की न्यायालय में गवाही हुई। जिसमें अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने बताया कि उनके द्वारा न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन आदित्य सिंह के न्यायालय में जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर के मामले में याचिका दायर कराई थी। जिसके उपरांत जामा मस्जिद का सर्वे कराया गया।
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24 नवंबर 2024 की सुबह दोबारा सर्वे हुआ तो दंगा भड़क गया। कुछ लोगों द्वारा धार्मिक नारे लगाए गए। उपद्रवियों द्वारा हजारों की तादाद में एकत्र होकर पथराव किया गया। जिससे पुलिस प्रशासन के द्वारा उपद्रवियों से हम सभी लोगों को बचाते हुए विवादित स्थल से सुरक्षित निकाला गया।

एडीजीसी ने बताया कि अब बचाव पक्ष से अपनी सफाई में साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे और बहस होगी। न्यायालय ने अगली तारीख 29 अक्तूबर नियत कर दी है। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस फोर्स रहा तैनात संभल हिंसा के मामले में जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर के मुकदमे में वादी अधिवक्ता हरिशंकर जैन के पुत्र अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन की गवाही के दौरान न्यायालय परिसर में सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा।

कोतवाल संत कुमार फोर्स के साथ तैनात रहे। इस दौरान न्यायालय के मुख्य द्वार पर चेकिंग अभियान भी चलाया गया। मेटल डिटेक्टर से चेकिंग के बाद ही लोगों को न्यायालय परिसर में जाने दिया गया।
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