संभल हिंसा के आरोपियों से सपा नेताओं की जेल में मुलाकात कराने के मामले में शासन ने मुरादाबाद जेल के अधीक्षक पीपी सिंह को भी निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ डीजी कारागार ने शासन से अनुशासनिक कार्रवाई करने की संस्तुति की थी, जिसके बाद शासन ने उन्हें निलंबित करने का निर्णय लिया है।
शासन को रिपोर्ट पहुंचने पर डीआईजी जेल कुंतल किशोर जिला जेल में जांच करने के लिए आए। पूछताछ के दौरान बंदीरक्षकों और जेल कर्मियों ने जेल अधिकारियों और सपा नेताओं की मुलाकात का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया।
सपा नेताओं के मुलाकात का मामला शासन तक पहुंचने के बाद जेल अधीक्षक पीपी सिंह ने जेलर और डिप्टी जेलर से लिखित जवाब नहीं मांगा। यह बात भी जेल अधीक्षक पर और भारी पड़ गई।
सपा नेताओं की मुलाकात के बाद जांच करने आए डीआईजी जेल ने बंदी रक्षकों से लेकर जेल अधिकारियों का बयान लेकर जेल अधीक्षक के खिलाफ रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दिए थे। आरोप था कि सपा नेताओं की मुलाकात कराने के लिए जेल अधिकारियों ने नियमों को तार तार कर दिया था।
सपा के दो विधायक सहित सात लोग संभल के 24 आरोपियों से मुलाकात करने के लिए गए थे। जेलर ने बगैर पर्ची आरोपियों से मुलाकात कराई। जेल के नियमानुसार एक साथ सभी बंदियों से मुलाकात कराना नियम के खिलाफ है। एक या दो बंदी ही एक साथ मुलाकात कर सकते हैं।