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UP: हाथ नहीं तो क्या, पैरों से सफलता की इबारत लिख रहीं मंजू; बेटी ने बीए की परीक्षा कॉपी पर पांव से चलाई कलम

Tue, 16 Jun 2026 03:17 PM IST
Sharukh Khan नदीम अली, संवाद न्यूज एजेंसी, संभल

सार

संभल के गांव चिमियावली की बहादुर बेटी मंजू ने हादसे में हाथ गंवाने के बाद भी हार नहीं मानी। उसने बीए की परीक्षा में कॉपी पर पांव से कलम चलाई और 
परीक्षा दी।
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पांव से लिखकर परीक्षा देतीं मंजू - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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खुदी को कर बुलंद इतना कि हर तकदीर से पहले, खुदा बंदे से खुद पूछे बता तेरी रजा क्या है...मशहूर शायर अल्लामा इकबाल की इन लाइनों को हकीकत साबित किया है संभल के गांव चिमियावली की बहादुर बेटी मंजू ने। 

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एक हादसे ने मंजू के दोनों हाथ छीन लिए तो उन्होंने पैरों को अपनी ताकत बना लिया और पढ़ाई जारी रखी। मजबूत इरादे और पूरे जज्बे के साथ सोमवार को मंजू ने बीए दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा दी।

संभल के एमजीएम कॉलेज में इन दिनों मुरादाबाद के गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय की स्कीम के मुताबिक परीक्षाएं चल रही हैं। वैसे तो परीक्षाएं हर साल होती हैं लेकिन सोमवार को हुई बीए दूसरे सेमेस्टर की भूगोल की परीक्षा कुछ खास हो गई। 

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इस खासियत का कारण बनीं परीक्षार्थियों के बीच बैठीं मंजू। जो अन्य परीक्षार्थियों की तरह उत्तर पुस्तिका पर हाथों से सवालों के उत्तर नहीं लिख रही थीं बल्कि उनकी कलम पैर ने साध रखी थी। 

पांव की अंगुलियों में फंसाई कलम
हाथ से ज्यादा मजबूती से पांव की अंगुलियों में फंसाई कलम कॉपी पर सवालों के उत्तर दे रही थी तो देखने वालों के मन में सवाल उमड़ रहे थे। सबकी सवालिया निगाहों के जवाब मंजू की तेजी से चल रही कलम दे रही थी, जिसकी वजह से मजबूत इरादे वाली इस बेटी ने निर्धारित समय में अपनी परीक्षा पूरी कर ली।

हादसे में मंजू ने गंवा दिए थे दोनों हाथ
दरअसल करीब छह साल पहले पशुओं का चारा काटने वाली मशीन में आ जाने के कारण मंजू अपने दोनों हाथ गंवा बैठी थीं। इसके बाद भविष्य को लेकर सवाल उठे लेकिन हर सवाल का जवाब दिया किसान परिवार की इस बिटिया की मजबूत इच्छा शक्ति ने। 

 

बेटी ने बताया कि हादसे के वक्त वह छठी क्लास में थीं। इसके बाद पैरों को हाथ की तरह मजबूत करने का अभ्यास शुरू किया। अभ्यस्त होने के साथ अपनी पढ़ाई और परीक्षाओं का क्रम जारी रखा। 
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इसी हौसले से क्लास-दर-क्लास पास होकर मंजू अब स्नातक की डिग्री लेने की राह पर हैं। एक सवाल के जवाब में आत्मविश्वास से कहा-कॉलेज के साथ जीवन के हर इम्तिहान में सफल होने का मजबूत संकल्प है तो हर चुनौती खुद-ब-खुद बौनी पड़ जाएगी।
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