इस खासियत का कारण बनीं परीक्षार्थियों के बीच बैठीं मंजू। जो अन्य परीक्षार्थियों की तरह उत्तर पुस्तिका पर हाथों से सवालों के उत्तर नहीं लिख रही थीं बल्कि उनकी कलम पैर ने साध रखी थी।
पांव की अंगुलियों में फंसाई कलम
हाथ से ज्यादा मजबूती से पांव की अंगुलियों में फंसाई कलम कॉपी पर सवालों के उत्तर दे रही थी तो देखने वालों के मन में सवाल उमड़ रहे थे। सबकी सवालिया निगाहों के जवाब मंजू की तेजी से चल रही कलम दे रही थी, जिसकी वजह से मजबूत इरादे वाली इस बेटी ने निर्धारित समय में अपनी परीक्षा पूरी कर ली।
बेटी ने बताया कि हादसे के वक्त वह छठी क्लास में थीं। इसके बाद पैरों को हाथ की तरह मजबूत करने का अभ्यास शुरू किया। अभ्यस्त होने के साथ अपनी पढ़ाई और परीक्षाओं का क्रम जारी रखा।
इसी हौसले से क्लास-दर-क्लास पास होकर मंजू अब स्नातक की डिग्री लेने की राह पर हैं। एक सवाल के जवाब में आत्मविश्वास से कहा-कॉलेज के साथ जीवन के हर इम्तिहान में सफल होने का मजबूत संकल्प है तो हर चुनौती खुद-ब-खुद बौनी पड़ जाएगी।