संभल। समाजवादी पार्टी के गढ़ संभल में सपा के सांसद और विधायकों के बीच की राजनीतिक दुश्मनी जुबानी रूप में फिर से शुरू हो गई है। सांसद ने बसपा के प्रति अपना नरम रूख दिखाया था तो संभल के सपा विधायक इकबाल महमूद ने कहा था कि वह सपा मुखिया अखिलेश यादव को ब्लैकमेल कर रहे हैं। जिससे उन्हें 2024 के लिए टिकट मिल जाए और कहा था कि उन्हें मुसलमानों ने नकार दिया है।
संभल विधायक के इसी बयान पर सपा के कुंदरकी विधानसभा सीट से विधायक सांसद के पोते जियाउर्रहमान बर्क ने पलटवार किया है। कई चुनाव में सपा के विरोध में चुनाव लड़ाने के आरोप लगाए हैं। साथ ही कहा है कि विधायक सांसद डॉ. बर्क का मुकाबला नहीं कर सकते। बृहस्पतिवार को अपने संभल के दीपासराय स्थित आवास पर कुंदरकी विधायक जियाउर्रहमान बर्क ने प्रेसवार्ता की।
इसमें कहा कि सांसद ने मायावती के जन्मदिन पर उनकी प्रशंसा की थी। इसको गलत तरीके से पेश किया गया और संभल के सपा विधायक इकबाल महमूद ने सांसद के बारे में व्यक्तिगत टिप्पणी की। कहा कि उनके दादा सांसद डॉ. बर्क सपा के संस्थापक सदस्यों में हैं और नेता जी (मुलायम सिंह यादव) के दोस्त रहे हैं। पार्टी में आपसी मनमुटाव के चलते पार्टी को छोड़ा भी था और अब सपा के सांसद के रूप में जनता की खिदमत कर रहे हैं।
आरोप लगाते हुए कहा कि 2014 में बसपा को चुनाव लड़ाया था और 2019 में भाजपा का चुनाव लड़ाया था। इसके प्रमाण भी हैं। आगे कहा कि डॉ. बर्क 94 वर्ष की उम्र में भी जनता की खिदमत कर रहे हैं। विधायक इकबाल महमूद पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वह 72 वर्ष की उम्र में हैं और उन्हें जनता ढो रही है। अगर उनका वजूद है तो वह सपा के टिकट के बिना चुनाव लड़कर दिखाएं। मीडियाकर्मियों से कहा कि वह भी विधायक का इंटरव्यू करते समय यह देख लिया करें कि वह होश में हैं या नहीं। क्योंकि उन्हें दूसरे शौक की भी आदत है।
सोशल मीडिया पर संभल सांसद और विधायक के समर्थकों में बढ़ा तकरार
कुंदरकी विधायक जियाउर्रहमान बर्क के द्वारा मीडिया कर्मियों को दिए गए बयान के बाद सोशल मीडिया पर संभल के सपा सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क और विधायक इकबाल महमूद के समर्थकों में तकरार हो गया। एक दूसरे पर तंज करते हुए पोस्ट वायरल किए गए। एक पोस्ट विधायक के बेटे ने भी की। उस पोस्ट पर भी तरह तरह की प्रतिक्रियाएं दी जा रही हैं।