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UP: मेले और भीड़भाड़ वाले इलाके में सक्रिय रहता है बच्चा चोर गिरोह, महिलाएं भी शामिल; रामपुर के दंपती की तलाश

Sun, 16 Aug 2026 04:23 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, संभल

सार

संभल में बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह के छह आरोपियों को असमोली थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह गिरोह मेले और भीड़भाड़ वाले इलाके में सक्रिय रहता है। गिरोह में महिलाएं भी शामिल हैं। रामपुर के दंपती की तलाश में पुलिस जुटी है।
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बच्चा चोर गिरोह के सदस्य - फोटो : संवाद
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विस्तार
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यूपी के संभल के असमोली मेले से चार साल के बच्चे का अपहरण कराने वाले दंपती की पुलिस को तलाश है। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई का कहना है कि जिला रामपुर के थाना खजुरिया अंतर्गत गांव ऊधमपुरा निवासी सलमान उर्फ सुल्तान व उसकी पत्नी साजिया की गिरफ्तारी के लिए टीम को लगाया हुआ है। 
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इनकी गिरफ्तारी के बाद कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगेंगे। जिससे पूरे गिरोह का भंडाफोड़ हो सके। एसपी ने बताया कि गिरोह के सदस्य बच्चे का अपहरण करने के लिए मेले और भीड़भाड़ वाले इलाके जाते हैं और वहां परिवार से बिछड़े बच्चे अपहरण कर लेते हैं। इस गिरोह में महिलाएं भी शामिल हैं। 

जिससे बच्चे को मेले या भीड़भाड़ वाले इलाके से लेकर जाना आसान हो सके। यह गिरोह बाइक और कार का इस्तेमाल करते हैं। गांव ओबरी में भी दोनों बच्चों को लेकर जाने में आरोपियों ने पहले बाइक और फिर कार का इस्तेमाल किया था।
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घर के बाहर खेलते समय लापता हुआ सनी का दो साल बाद भी नहीं लगा सुराग 
बहजोई थाना क्षेत्र के गांव अतरासी निवासी संजय के ढाई वर्षीय बेटे सनी का 9 सितंबर 2024 की सुबह अपहरण किया गया था। उस समय परिवार ने एक महिला के द्वारा अपहरण करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने काफी खोजबीन की लेकिन बच्चे का पता नहीं चला। संजय का कहना है कि वह अभी तक अपने बच्चे की तलाश में लगे हैं। बताया कि सनी उनका इकलौता बेटा है।

मेले और भीड़भाड़ वाले इलाके में परिजनों को छोटे बच्चों का ध्यान रखना चाहिए। इस तरह की घटनाएं सतर्क करती हैं। बच्चों को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। संदिग्ध दिखता है तो पुलिस को सूचना दें। - कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी

बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दिल्ली की नर्स समेत छह गिरफ्तार
संभल में बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह के छह आरोपियों को असमोली थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसमें दिल्ली की नर्स कोमल, हाई प्रोफाइल सोसाइटी में बच्चों को बेचने वाली वंदना और बच्चा खरीदने वाली गुड्डी शामिल हैं। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि असमोली मेले से अपहृत दोनों बच्चों का सौदा 5-5 लाख रुपये में कोमल और वंदना ने किया था। 

 

चार साल के उवैस को गुड्डी को पांच लाख में बेचा गया था जबकि चार साल के ही सलमान को पुलिस की सक्रियता के कारण आरोपी गांव ओबरी में छोड़ गए थे। एसपी ने शुक्रवार को बहजोई स्थित कार्यालय पर बच्चों की तस्करी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गांव ओबरी में चार अगस्त को मेला लगा था। 

 

इसमें गांव निवासी सलमान के चार वर्षीय बेटे उवैस का अपहरण किया गया था। परिजनों की सूचना पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज किया था। इसके बाद आठ अगस्त को इसी मेले से हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र के बराही गांव के नाजिर हुसैन के चार वर्षीय बेटे सुलेमान का अपहरण हो गया था। पुलिस ने पड़ताल की तो सामने आया कि सलमान के बेटे का अपहरण उसके रिश्ते के साले सलमान उर्फ सुल्तान और उसकी पत्नी साजिया ने कराया है। दोनों रामपुर के खजुरिया थाना क्षेत्र के ऊधमपुरा गांव में रहते हैं।

 

आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने करीब 80 किलोमीटर क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान एक बाइक और एक कार को ट्रेस किया गया जिसके जरिये पुलिस आरोपियों तक पहुंची। पकड़े गए आरोपियों में ऐंचोड़ा कंबोह थाना क्षेत्र के अशरफपुर गांव निवासी फरीद, जिला मुरादाबाद के कुंदरकी थाना क्षेत्र के सादात निवासी फैसल, पाकबड़ा निवासी शमशाद, दिल्ली के शिव विहार निवासी कोमल, नंदनगरी निवासी वंदना जैन और करावल नगर निवासी गुड्डी शामिल हैं।
 

उवैस का अपहरण कर कोमल और वंदना को दे आए थे आरोपी
एसपी ने बताया कि आरोपी अपहरण के बाद उवैस को दिल्ली की कोमल और वंदना जैन को 2 लाख 40 हजार रुपये में बेच आए थे। दूसरे बच्चे सुलेमान का भी सौदा तय हुआ था लेकिन पुलिस के सक्रिय होने पर दूसरे बच्चे को गांव में ही छोड़ दिया था। पुलिस को जांच में पता चला कि दोनों बच्चों का सौदा 5-5 लाख रुपये में दूसरे परिवारों से कर दिया गया था।

 
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आईवीएफ क्लीनिक में नर्स कोमल तलाशती थी जरूरतमंद परिवार
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार की गई कोमल दिल्ली के एक आईवीएफ क्लीनिक में नर्स है। वहां ऐसे परिवार पहुंचते हैं, जिनके संतान नहीं होती है। इन परिवारों से ही बच्चों का सौदा होता है। कोमल और वंदना जैन ऐसे परिवारों से सौदा कर लेते हैं और उनको बच्चे बेच देते हैं। वंदना जैन हाई प्रोफाइल सोसाइटी में फर्जी मां-बाप खड़े कर गोद लेने की प्रक्रिया के बिना ही बच्चों को बेचने में भूमिका निभाती है।
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