जिला प्रशासन द्वारा संतुष्ट किए जाने के बावजूद सपा ने ईवीएम की निगरानी के लिए अपने कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई है। जिलाधिकारी ने भी इसकी अनुमति दे दी है। मतगणना होने तक सपाई लगातार ईवीएम पर नजर रखेंगे।
बहजोई स्थित स्टेट वेयर हाउस के स्ट्रांग रूप में संभल लोकसभा क्षेत्र के संभल, चंदौसी व असमोली विधान सभा क्षेत्र व बदायूं लोकसभा क्षेत्र की गुन्नौर विधान सभा क्षेत्र के सभी बूथों की ईवीएम को सुरक्षित रखा गया है। लेकिन, गुरुवार को एक ऐसी वीडियो फुटेज वायरल हुई, जिसमें स्ट्रांग रूप के दरवाजे पर सील नहीं दिख रही थी। इसे लेकर सपाइयों ने दिनभर हंगामा काटा। बदायूं लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव ने तो चुनाव आयोग को भी चिट्ठी लिखी थी। हालांकि जिलाधिकारी ने प्रत्याशी से लेकर जिलाध्यक्ष तक सभी को प्रशासन की निगरानी में स्ट्रांग रूम तक पहुंचाकर दिखा दिया। जिस स्ट्रांग रूम के दरवाजे पर सील नहीं दिखाई दे रही थी, वह बाहर का दूसरा दरवाजा था। इसके बावजूद सपा पदाधिकारियों व प्रत्याशियों को जिला प्रशासन पर भरोसा नहीं है। उन्हें आशंका है कि सत्तारूढ़ भाजपा जिला प्रशासन पर दबाव बनाकर ईवीएम में गड़बड़ी करा सकती है। इसलिए ईवीएम की रखवाली के लिए सपा व उनके करीबी प्रत्याशियों की ओर से चौबीस घंटे निगरानी के लिए तीन तीन एजेंट स्ट्रांग रूम के बाहर बैठा दिए हैं।
सपा जिलाध्यक्ष फिरोज खां ने बताया कि बदायूं के सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव, निर्दलीय प्रत्याशी अतुल भोला, हरी सिंह व संभल लोकसभा से गठबंधन प्रत्याशी डा. शफीकुर्रहमान बर्क, इल्यास ने तीन-तीन पदाधिकारियों की ड्यूटी यहां लगाई है। प्रत्येक प्रत्याशी का एक-एक कार्यकर्ता आठ आठ घंटे की निगरानी ड्यूटी करेगा। स्ट्रांग रूम के बाहर गेट के पास टेंट लगाकर पंडाल बना दिया गया है। शुक्रवार दोपहर को सपा जिलाध्यक्ष ने प्रशासन की अनुमति के बाद पदाधिकारियों को निगरानी के लिए बैठा दिया है। यह निगरानी व्यवस्था 23 मई की सुबह तक लगातार चलेगी।
सपा जिलाध्यक्ष व सपा-बसपा गठबंधन समेत अन्य प्रत्याशियों की मांग पर स्ट्रांग रूम के बाहर निगरानी के लिए कार्यकर्ताओं को अनुमति प्रदान की गई है। यह सभी गेट के पास बैठकर निगरानी रख सकते हैं।
-अविनाश कृष्ण सिंह, जिलाधिकारी संभल